कोच्चि, 15 मार्च (आईएएनएस)। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के वरिष्ठ नेता और कन्नूर जिला सचिव पी. जयराजन को तगड़ा झटका देते हुए केरल उच्च न्यायालय ने सीबीआई द्वारा उनके खिलाफ लगाए गए गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत आरोपों को बरकरार रखा है।
जयराजन फिलहाल आरएसएस कार्यकर्ता कथिरूर मनोज की हत्या के मामले में जमानत पर बाहर हैं।
केरल सरकार ने अदालत में अपील दायर कर सीबीआई द्वारा यूएपीए के तहत लगाए गए आरोपों को गलत करार दिया था और इन आरोपों को हटाने का आग्रह किया था।
उच्च न्यायालय ने गुरुवार को राज्य सरकार को याचिका दाखिल करने पर फटकार लगाई क्योंकि यह आरोपी की मदद करने वाली थी।
कन्नूर के समीप कथिरूर में एक सितंबर 2014 को सात सदस्यों के एक समूह ने 42 वर्षीय मनोज पर हमला किया था। हमलावरों ने पहले उसके वाहन पर बम फेंका और बाद में कुल्हाड़ी से वारकर मौत के घाट उतार दिया था।
मामले के आरोपियों की सूची में पहला नाम जयराजन के करीबी का था, जिसे सीबीआई ने 2106 में गिरफ्तार किया था।
जयराजन तीन सप्ताह से ज्यादा जेल में रहे, जिसके बाद उन्हें जमानत मिल गई।
मनोज उन आरोपियों में से एक था जिसने 1999 में जयराजन की हत्या करने का प्रयास किया था।
माकपा के पूर्व विधायक 66 वर्षीय जयराजन को फिलहाल कन्नूर जिले में सबसे मशहूर नेताओं में से एक माना जाता है।
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