तिरुवनंतपुरम, 10 फरवरी (आईएएनएस)। केरल में आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए प्रदेश की मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के दो धड़ों के बीच संघर्षविराम देखने को मिल रहा है। उन्होंने अपने आंतरिक कलह को किनारे रखकर राज्य में साथ मिलकर काम करने का फैसला किया है।
माकपा के दो प्रमुख धड़ों में पहला का नेतृत्व पूर्व प्रदेश सचिव पिनाराई विजयन करते हैं दूसरा पूर्व मुख्यमंत्री वी. एस. अच्युतानंदन की अगुवाई वाला धड़ा है।
विजयन धड़ा जो पार्टी पर कहीं अधिक हावी है, ने पिछले साल अच्युतानंदन को सबक सिखाने का फैसला किया था, जब वे पार्टी के प्रदेश सम्मलेन से वॉक आउट कर गए थे। उन्हें इसके बाद प्रदेश समिति में शामिल नहीं किया गया और राष्ट्रीय समिति का एकमात्र आमंत्रित सदस्य बना दिया।
केरल की राजनीति में 92 वर्षीय अच्युतानंदन सबसे ज्यादा भीड़ खींचने वाले नेता माने जाते हैं। इसलिए अब चुनावों से पहले उन्हें एक बार फिर तवज्जो दी जाने लगी है।
माकपानीत गठबंधन हर हाल में यह विधानसभा चुनाव जीतना चाहता है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने आईएएनएस को बताया, “आने वाले विधानसभा चुनावों में हम जान लड़ा देंगे।”
अच्युतानंदन ने मंगलवार को उन मीडिया रिपोर्टों की निंदा की जिसमें कहा गया था कि उन्होंने कहा है कि अगर विजयन को इस चुनाव में खड़ा किया गया तो वे चुनाव नहीं लड़ेंगे।
उस नेता ने बताया, “अच्युतानंदन निराधार मीडिया रिपोर्ट्स के खिलाफ खुद सामने आएं हैं। यह दिखाता है कि हमारी पार्टी मजबूत और एकजुट है।”
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