तिरुवनंतपुरम, 18 जनवरी (आईएएनएस)। केरल में होने जा रहे विधानसभा चुनवा में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की अगुआई वाले मोर्चे का नेतृत्व कौन करेगा? क्या ये पूर्व मुख्यमंत्री वी.एस.अच्युतानंदन होंगे या फिर पिनाराई विजयन?
तिरुवनंतपुरम, 18 जनवरी (आईएएनएस)। केरल में होने जा रहे विधानसभा चुनवा में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की अगुआई वाले मोर्चे का नेतृत्व कौन करेगा? क्या ये पूर्व मुख्यमंत्री वी.एस.अच्युतानंदन होंगे या फिर पिनाराई विजयन?
यह है वह सवाल जो केरल में लोगों के दिमाग में घूम रहा है। इनमें वामपंथी मोर्चे के लोग भी शामिल हैं और वे भी जो इस मोर्चे का हिस्सा नहीं हैं।
इस बात में कोई शक नहीं है कि 92 साल के अच्युतानंदन शायद आज भी केरल में सर्वाधिक भीड़ आकृष्ट करने वाले नेता हैं।
लेकिन, जो लोग 71 वर्षीय विजयन की सांगठनिक क्षमता और सरकार में रहते हुए बिजली विभाग को संभालने में दिखाई गई दक्षता को जानते हैं, वे कह रहे हैं कि विजयन नेतृत्व की दौड़ में काफी आगे हैं।
माना जाता है कि केरल माकपा के इन दोनों नेताओं में पटती नहीं है।
इस मामले में माकपा के महासचिव सीताराम येचुरी का चिर-परिचित जवाब यह है, “हमारी कोई बुर्जुआ पार्टी नहीं है जहां चुनाव से पहले नेता के नाम का ऐलान होता है।”
लेकिन, इससे इस बारे में अटकलों पर विराम नहीं लग रहा है कि वाम मोर्चे का मुख्यमंत्री पद का प्रत्याशी कौन होगा।
अभी तक की जो स्थिति बनी है, उसके हिसाब से विजयन को अच्युतानंदन पर बढ़त दिख रही है। वह पार्टी की राज्यव्यापी यात्रा का नेतृत्व कर रहे हैं। यह यात्रा राज्य के सभी 140 विधानसभा क्षेत्रों से गुजरेगी।
यात्रा पर रवाना होने से पहले उन्होंने पार्टी की उस बैठक में केंद्रीय भूमिका निभाई थी जिसमें तय किया गया था कि चुनाव जीतने की स्थिति में वाम मोर्चे की नीतियां-कार्यक्रम क्या होंगे।
यह पूछने पर कि क्या केरल किसी 90 साल वाले को पसंद करेगा या फिर 70 साल वाले को, विजयन ने पलटकर कहा, “हमारी ऐसी पार्टी है जिसमें 25 से लेकर 95 साल तक के क्षमतावान नेता हैं।”
विजयन के बारे में माना जाता है कि माकपा के अंदर उन्हें अच्युतानंदन के मुकाबले बहुत अधिक पसंद किया जाता है। लेकिन, माकपा सूत्रों का कहना है कि अच्युतानंदन को माकपा के सहयोगी दल अधिक पसंद करते हैं।
अच्युतानंदन इस वक्त राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता हैं।
माकपा नेताओं का कहना है कि नेतृत्व के सवाल पर पार्टी की छवि को कोई नुकसान नहीं पहुंचने दिया जाएगा।
माकपा के अंदरूनी सूत्र ने कहा कि विजयन को राज्य का नेतृत्व करने के लिए कहा जा सकता है। अच्युतानंदन को फिर से पोलित ब्यूरो में लिया जा सकता है और उन्हें राज्यसभा भेजा जा सकता है।
dharmpath.com dharmpath