तिरुवनंतपुरम, 8 मार्च (आईएएनएस)। केरल में दुष्कर्म व महिलाओं के उत्पीड़न की घटना में बढ़ोतरी तथा जांच में पुलिस द्वारा लचर रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर कांग्रेस ने बुधवार को राज्य विधानसभा से बहिर्गमन किया।
कांग्रेस नेता के. मुरलीधरन ने महिलाओं के खिलाफ दुष्कर्म व उत्पीड़न की घटनाओं की बढ़ती संख्या पर चर्चा के लिए एक स्थगन प्रस्ताव की मांग की।
मुरलीधरन ने कहा, “आपने तब कहा था कि अगर आप सत्ता में आए, तो सब ठीक हो जाएगा। क्या यही है सब कुछ सही करना? आप पिछले कुछ सप्ताहों में दर्ज दुष्कर्म व उत्पीड़न की घटनाओं पर नजर डालिए। एक मशहूर अभिनेत्री पर हमला, एक पादरी द्वारा 17 साल की एक लड़की का यौनाचार कर उसे गर्भवती कर देना और फिर उसके द्वारा बच्चे को जन्म देना। इसके अलावा, पलक्कड़ की नौ तथा 13 साल की दो बहनें अपने घर में फांसी के फंदे पर झूलती मिलीं। साथ ही कालपेट्टा में युवाओं के एक समूह द्वारा सात लड़कियों का उत्पीड़न किया गया। ऐसा हुआ, क्योंकि पुलिस अपना काम नहीं कर रही है और जब जांच आगे बढ़ती है, सभी मामलों की लीपापोती कर दी जाती है।”
पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई का बचाव करते हुए मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने कहा कि पुलिस इन सभी मामलों में सही तरीके से जांच को आगे बढ़ा रही है।
उन्होंने कहा, “अभिनेत्री के अपहरण मामले में जो लोग चीजों को राजनीतिक चश्मे से देख रहे थे, उन्होंने पुलिस की जांच की प्रशंसा की है। जबकि, पलक्कड़ मामले में चिकित्सकीय पेशेवरों तथा अंत्यपरीक्षण की रिपोर्ट ने पुलिस जांच के लिए राह बनाई है और उसकी जांच सही दिशा में आगे बढ़ रही है। कालपेट्टा में जैसे ही मामला सामने आया, पुलिस हरकत में आ गई और अपराध के जिम्मेदार छह लोगों को हिरासत में ले लिया। जहां तक पादरी रॉबिन मैथ्यू का मामला है तो उसके संबंध में यह बात सामने आई है कि वह आपराधिक मानसिकता का है।”
विजयन ने कहा, “इन सभी मामलों में पुलिस जांच को सही दिशा में आगे बढ़ा रही है और आरोपियों के खिलाफ प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंस एक्ट (पॉक्सो) की संबंधित धाराएं लगाई जाएंगी।”
मुख्यमंत्री ने विपक्ष को सरकार का समर्थन करने और ऐसे मामलों में साथ मिलकर काम करने के लिए कहा।
सदन से बहिर्गमन के लिए पूरे विपक्ष का नेतृत्व करने वाले विपक्ष के नेता रमेश चेन्निथाला ने कहा कि विजयन सरकार विफल हो चुकी है और पुलिस कुछ करने के बजाय एक मूक दर्शक बनकर रह गई है।
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