नई दिल्ली, 17 जून (आईएएनएस)। उपराष्ट्रपति एम. हामिद अंसारी ने यहां शनिवार को कहा कि केरल एक जाति प्रथागत समाज से समतामूलक समाज में बदल गया और यह बदलाव शिक्षा की वजह से आया। उन्होंने कहा कि राज्य में शिक्षा के लिए जनआंदोलन दो सदी पहले शुरू किया गया था, जिसका नतीजा आज आधुनिक केरल के रूप में सामने है।
त्रावणकोर में ‘समावेशी गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा, स्थायी विकास लक्ष्य-4 और केरल मॉडल से सबक’ विषय पर आयोजित अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि केरल की सामाजिक प्रगति ने राज्य के ऐसे आर्थिक विकास का मार्ग प्रशस्त किया है, जो सामाजिक और पर्यावरण की दृष्टि से स्थायी है।
अंसारी ने कहा कि केरल को ऐसी आर्थिक गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित करना होगा, जिनमें राज्य अपनी विशिष्ट क्षमताओं जैसे शिक्षित कार्मिक शक्ति, लोकतांत्रिक संस्थानों और एक अनुकूल प्राकृतिक वातावरण, का उपयोग कर सके।
उन्होंने यह भी कहा कि केरल को एक वास्तविक ज्ञान-आधारित समाज के रूप परिवर्तित करने के लिए ‘इक्कीसवीं सदी के कौशलों’ को शिक्षा में अधिक स्थान दिया जाना चाहिए, जिनमें महत्वपूर्ण चिंतन, समस्या समाधान, रचनाशीलता और डिजिटल साक्षरता शामिल हैं।
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