तिरुवनंतपुरम, 8 मई (आईएएनएस)। केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने सोमवार को विधानसभा में कहा कि उनकी सरकार ने सेनकुमार मामले में न माफी मांगी है और न ही सर्वोच्च न्यायालय ने उन पर 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया है।
विजयन के इस बयान के चंद मिनट बाद ही मुख्य सचिव नलिनी नेट्टो ने सर्वोच्च न्यायालय में हलफनामा दायर कर पुलिस प्रमुख के तौर पर टी.पी.सेनकुमार को बहाल किए जाने के अदालत के निर्देश में हुई देरी के लिए बिना शर्त माफी मांगी।
कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक के.मुरलीधरन ने सोमवार सुबह केरल विधानसभा में स्थगन प्रस्ताव की मांग करते हुए कहा कि विजयन सरकार के रवैये की वजह से सरकार को माफी मांगनी पड़ी है और साथ ही 25,000 रुपये का जुर्माना भरना पड़ा है, जो राज्य के लिए भारी शर्मिदगी भरा है।
मुरलीधरन ने कहा, “यदि आप (विजयन) आदेश का पालन करते तो इस स्थिति से बचा जा सकता था, लेकिन आपने ऐसा नहीं किया। इसलिए यह आपके चेहरे पर एक जोरदार तमाचा है।”
विजयन ने अपने जवाब में स्पष्ट किया कि न तो उन पर कोई जुर्माना लगा है और न ही उन्होंने माफी मांगी है।
विजयन ने कहा, “अदालत ने राज्य सरकार से 25,000 रुपये जमा कराने के लिए कहा है। यह नहीं बताया गया है कि यह जुर्माना है। हमने कोई माफी नहीं मांगी है।”
विधानसभा में विपक्ष के नेता रमेश चेन्निथला ने निशाना साधते हुए कहा कि जिस शख्स को यह आदेश समझ नहीं आया, वह विजयन हैं।
चेन्निथला ने कहा, “आप कह रहे हैं कि यह जुर्माना नहीं है, तो कृपया हमें बताएं कि क्या यह अनुदान है, या फिर केरल सरकार द्वारा सर्वोच्च न्यायालय को दिया गया योगदान? यदि है तो कृपया राजस्व पर भार न बढ़ाएं, इसे खुद ही दे दें। ऐसा पहले कभी नहीं हुआ है और यह दुर्भाग्य है कि आप इसे लगातार नकारते रहे हैं।”
विजयन ने विधानसभा को बताया कि उन्होंने कोई माफी नहीं मांगी है। इसके कुछ मिनटों बाद ही नेट्टो ने सर्वोच्च न्यायालय में एक हलफनाम दायर किया।
हलफनामे में नेट्टो ने बिना शर्त माफी मांगी, और कहा कि सेनकुमार को बहाल करने के सर्वोच्च न्यायालय के आदेश को लागू करने में देरी हुई।
नेट्टो ने यह हलफनामा ऐसे समय में दाखिल किया है, जब सेनकुमार द्वारा पिछले सप्ताह दाखिल अवमानना की याचिका पर मंगलवार को सुनवाई होनी है।
उल्लेखनीय है कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा शुक्रवार को विजयन को लताड़ लगाए जाने के बाद उन्होंने सेनकुमार की बहाली के आदेश पर हस्ताक्षर किए।
सेनकुमार को शनिवार अपराह्न् बहाली का आदेश मिला और शाम को उन्होंने राज्य पुलिस प्रमुख का पद्भार संभाल लिया।
अब सभी की नजरें सोमवार शाम को होने जा रही सेनकुमार और विजयन की पहली मुलाकात पर है। यह भी देखना दिलचस्प होगा कि क्या सेनकुमार अपनी अवमानना याचिका वापस लेंगे, क्योंकि वह पहले ही कह चुके हैं कि वह राज्य सरकार के साथ किसी तरह का तकरार नहीं चाहते हैं।
गौरतलब है कि 25 मई, 2016 को विजयन के मुख्यमंत्री बनने के बाद सेनकुमार को पद से हटा दिया गया था।
सेनकुमार 30 जून को सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं।
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