तिरुवनंतपुरम, 27 अगस्त (आईएएनएस)। केरल के पूर्व वित्तमंत्री के.एम.मणि को शनिवार को उस समय एक बड़ा झटका लगा, जब एक स्थानीय अदालत ने साल 2014 में हुए बार घोटाले की तीसरी बार जांच करने का आदेश दिया।
मणि को कभी क्लीन चिट दे चुके जांच अधिकारी आर.सुकेशन द्वारा दायर याचिका पर तिरुवनंतपुरम सतर्कता विशेष अदालत ने जांच का यह आदेश दिया।
सुकेशन ने इस बार अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि रपट तैयार करते वक्त तत्कालीन सतर्कता निदेशक-अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक एन.शंकर रेड्डी ने उन्हें मामले से बेदाग निकालने के लिए हस्तक्षेप किया था।
इस बीच मणि ने कोट्टायम में संवाददाताओं से कहा, “जबतक साबित न हो जाए, किसी को भी निर्दोष मानना चाहिए। हमारी पार्टी को खत्म करने के लिए इस तरह की साजिश की गई, लेकिन कुछ नहीं हुआ और हम अधिक मजबूत होकर उभरे।”
घटनाओं पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष वी.एम.सुधीरन ने सुकेशन की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा, “यह वही पुलिस अधिकारी हैं, जिन्होंने मणि को क्लीन चिट दिया था और अभी कुछ और बात कह रहे हैं। अब अदालत ने एक और जांच कराने का फैसला किया है, लेकिन इसकी अगुवाई अगर कोई नया अधिकारी करता तो बेहतर होता।”
विपक्षी नेता व तत्कालीन गृहमंत्री रमेश चेन्निथला ने कहा कि उन्होंने जांच में किसी तरह का हस्तक्षेप नहीं किया और हमेशा निष्पक्ष व पारदर्शी जांच पर जोर दिया।
पूर्व मुख्यमंत्री वी.एस.अच्युतानंदन ने यहां जारी एक बयान में कहा कि समय की मांग है कि शंकर रेड्डी को सेवा से बर्खास्त किया जाए और उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाए।
dharmpath.com dharmpath