मुंबई, 29 सितंबर (आईएएनएस)। महात्मा गांधी की 147वीं जयंती के अवसर पर महाराष्ट्र जेल के 450 कैदी, 90 आत्मसमर्पण कर चुके छत्तीसगढ़ के नक्सली और 1.70 लाख छात्र वार्षिक गांधी शांति परीक्षा में शामिल होंगे।
राज्य भर में परीक्षा मुंबई सर्वोदय मंडल (एमएसएम) द्वारा आयोजित की जाएंगी, जिससे जेल के कैदियों और माओवादियों को गांधी के नैतिक मूल्यों की भावना का पता चले और वे अपनी गलती का पछतावा कर सकें।
एमएसएन प्रमुख टी.आर.के. सोमैया ने कहा,”वर्ष 1948 में उनकी हत्या के 68 वर्ष बाद भी महात्मा गांधी की शिक्षाएं, अहिंसा और उनका मान सम्मान आम लोगों के लिए प्रेरणा है।”
उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित 2 अक्टूबर को अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस दुनिया भर में मनाया जा रहा है।
परीक्षा के लिए राज्य के स्कूल और कॉलेज के 1,70,000 छात्र भी शामिल हैं।
इस साल गांधी शांति परीक्षा में 1,200 कैदी बैठेंगे।
सोमैया ने बताया कि पिछले कुछ वर्षो में इस परीक्षा में मुंबई, ठाणे, रायगढ़, जालना, औरंगाबाद, नासिक और पुणे की जेलों से 1,150 कैदी शामिल हो चुके हैं।
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