नयी दिल्ली, 21 मई (आईएएनएस)। रामायण से जुड़ी लोक रुचि की कथाएं अपने देश से दूर एक दूसरे देश में बिल्कुल अलग किस्म के दर्शकों को आकर्षित करने वाली है। ऑस्ट्रेलिया की नेशनल गैलरी (एनजीए) ने कैनबरा में प्राचीन लघु चित्रों की एक प्रदर्शनी आयोजित की है जो प्राचीन महाकाव्य को एक साथ भव्य रूप से पेश कर रहा है।
‘राष्ट्रीय संग्रहालय, नई दिल्ली के भारतीय लघु चित्र : राम की कहानी’ नामक तीन दिवसीय प्रदर्शनी में 17वीं से 19वीं शताब्दी की 101 चित्रों को प्रदर्शित किया गया है और यह भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच संस्कृति पर हाल में हुए समझौते के तहत पहली बड़ी पहल है। यह प्रदर्शनी कैनबरा में बुधवार से शुरू हुई।
ऑस्ट्रेलिया की नेशनल गैलरी (एनजीए) के निदेशक जेरार्ड वॉन ने कहा कि ‘जीवंत और उत्तम भारतीय लघु चित्रों’ की प्रदर्शनी दीर्घा के लिए महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा, “यह सभी ऑस्ट्रेलियाई लोगों के साथ भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को साझा करने के लिए हमारी प्रतिबद्धता का हिस्सा है।” उन्होंने समृद्ध विविध क्षेत्रीय शैलियों को प्रदर्शित करने वाले विस्तृत चित्रों के बारे में बात की जिन्हें राष्ट्रीय संग्रहालय (एनएम) के 17 हजार से अधिक लघु चित्रों के दुनिया के सबसे बड़े संग्रह से चुना गया है।
ऑस्ट्रेलिया की नेशनल गैलरी (एनजीए) में बुधवार शुरू हुई यह प्रदर्शनी 23 अगस्त तक खुली रहेगी और आम लोगों के लिए प्रवेश नि:शुल्क है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महाद्वीप के इस देश की नवंबर 2014 में की गई यात्रा के दौरान भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच कला और संस्कृति के क्षेत्र में सहयोग पर समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया गया था।
आस्ट्रेलिया के भारतीय उच्चायुक्त नवदीप सूरी ने बताया कि यह ऐतिहासिक समझौता विभिन्न देशों के साथ भागीदारी करने के लिए भारत की तत्परता को दर्शाता है। उन्होंने कहा, “हमें उम्मीद है कि सभी आस्ट्रेलिया वासी हमारे देश के सबसे प्रसिद्ध कहानियों में से एक रामायण के कला संबंधित इन अद्भुत कामों का आनंद लेंगे।”
वहां आयोजित इस समारोह में उपस्थित राष्ट्रीय संग्रहालय के महानिदेशक संजीव मित्तल ने आस्ट्रेलिया वासियों के साथ रामायण की कहानी को साझा करते हुए अपने देश के लिए खुशी व्यक्त की।
रामायण की कहानी को कालानुक्रमिक रूप से पेश करने के लिए 101 चित्रों का चयन करने वाले राष्ट्रीय संग्रहालय के क्यूरेटर डॉ. विजय कुमार माथुर ने कहा कि इस संग्रह को भारत के उत्तरी, मध्य और पूर्वी प्रदेशों से जमा किया गया था।
उन्होंने कहा, “ये लघुचित्र मुगल, डेक्कन, पहाड़ी, राजस्थान और मध्य भारत के स्कूलों से लिए गए हैं। वे एक परिपक्व आंदोलन का प्रतिनिधित्व करते हैं जो रामायण की भावना को रंगीन रूप में प्रतिबिंबित करते हैं। उन्होंने कहा कि 1949 में स्थापित राष्ट्रीय संग्रहालय ने 2013 में राम कथा प्रदर्शनी आयोजित की थी। उसके बाद इसे बेल्जियम ले जाया गया।
दुनिया के बेहतरीन साहित्यिक कृतियों में शुमार, रामायण प्यार, वफादारी, विश्वासघात, शासन कला और बुराई पर अच्छाई की जीत की एक लोक कथा है। इस कहानी के नायक राम हैं, जो एक आदर्श राजकुमार हैं और जिनकी उनके सम्मान, वीरता और करुणा के लिए प्रशंसा की जाती है। कहानी में एक साहसिक घटना तब घटी जब राम की प्यारी पत्नी सीता का श्रीलंका के दस सिरों वाले दानव राजा रावण के द्वारा अपहरण कर लिया गया।
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