पटना, 13 नवंबर (आईएएनएस)। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के 80 नवनिर्वाचित विधायकों ने शुक्रवार को यह फैसला पार्टी प्रमुख लालू यादव पर छोड़ दिया कि वह सदन में किसे पार्टी का नेता बनाते हैं। इस बात की चर्चा हो रही है कि यह लालू के पुत्र तेजस्वी यादव हो सकते हैं।
पटना, 13 नवंबर (आईएएनएस)। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के 80 नवनिर्वाचित विधायकों ने शुक्रवार को यह फैसला पार्टी प्रमुख लालू यादव पर छोड़ दिया कि वह सदन में किसे पार्टी का नेता बनाते हैं। इस बात की चर्चा हो रही है कि यह लालू के पुत्र तेजस्वी यादव हो सकते हैं।
राजद विधायकों की औपचारिक बैठक शनिवार को होगी।
बिहार के हाल के चुनाव में विजयी हुए महागठबंधन में राजद सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है।
राजद के सूत्रों ने बताया कि लालू प्रसाद के छोटे बेटे तेजस्वी यादव विधायक दल के नेता हो सकते हैं। तेजस्वी पूर्व क्रिकेटर हैं।
लालू यह कह चुके हैं कि तेजस्वी बिहार की नई सरकार में महत्वपूर्ण भूनिका निभाएंगे।
तेजस्वी ने राघोपुर से जीत हासिल की है। इस सीट से उनकी मां और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी भी विधायक रह चुकी हैं।
राजद विधायकों ने सर्वसम्मति से तय किया कि नीतीश कुमार ही महागठबंधन के नेता होंगे।
कांग्रेस के नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक शनिवार को होगी।
जनता दल युनाइटेड के नवनिर्वाचित विधायक भी शनिवार को नीतीश कुमार को औपचारिक रूप से अपना नेता चुनेंगे।
इसके बाद जद-यू, राजद और कांग्रेस की संयुक्त बैठक में नीतीश को महागठबंधन विधायक दल का नेता चुना जाएगा।
नीतीश ने कहा है कि शनिवार को वह अपने कैबिनेट की आखिरी बैठक के बाद राज्य की मौजूदा विधानसभा भंग करने की सिफारिश करेंगे। इसी दिन वह सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे।
जद-यू नेताओं के अनुसार नीतीश 20 नवंबर को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। उनके साथ 36 मंत्री भी शपथ लेंगे। माना जा रहा है कि मंत्रियों में 16 राजद, 15 जद-यू और 5 कांग्रेस के होंगे।
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