लंदन, 13 मार्च (आईएएनएस)। पिछले कई दशकों से समूचे विश्व में दिन के मुकाबले में रात का तापमान अधिक गर्म रहता है, और इस सिलसिले की बदस्तूर जारी रहने की संभावना है। इस संबंध में शोधार्थियों ने लगभग पिछले 50 सालों से रातों के गर्म होने के कारणों का पता लगाया है।
लंदन, 13 मार्च (आईएएनएस)। पिछले कई दशकों से समूचे विश्व में दिन के मुकाबले में रात का तापमान अधिक गर्म रहता है, और इस सिलसिले की बदस्तूर जारी रहने की संभावना है। इस संबंध में शोधार्थियों ने लगभग पिछले 50 सालों से रातों के गर्म होने के कारणों का पता लगाया है।
शोध के अनुसार, इतनी अधिक तेजी से बढ़ रही गर्म रातें जलवायु प्रणाली के लिए सहज हैं, क्योंकि रात का तापमान स्वाभाविक रूप से जलवायु के दबाव के प्रति ज्यादा संवेदनशील होता है।
नार्वे के नानसेन इन्वायरमेंटल एंड रिमोट सेंसिंग सेंटर से शोध के नेतृत्वकर्ता ने तेजी से गर्म हो रही रातों का विश्लेषण करने के लिए 20वीं सदी के मौसम का अवलोकन और मॉडलों का आकलन किया।
शोधार्थियों ने देखा है कि गर्मी की संवेदनशीलता सतह की ठीक ऊपरी परत की हवा से जुड़ी है, जो सीमा परत कहलाती है। यह महत्वपूर्ण रूप से बाकी वातावरण से अलग होती है।
शोध में कहा गया है कि हाल के कुछ सालों में रात के तापमान की उच्च संवेदनशीलता अत्यधिक ठंडी रातों को भी प्रभावित कर रही हैं।
रात और दिन के तापमान की अलग-अलग संवेदनशीलता को समझना महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह मौसम परिवर्तन और मानव स्वास्थ्य को प्रभावित कर रही हैं।
यह शोध ‘इंटरनेशनल जर्नल ऑफ क्लाइमेटोलॉजी’ पत्रिका में प्रकाशित हुआ है।
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