‘मानहानि पुरुष’ की छवि बन गई है केजरीवाल की

नई दिल्ली, 13 मार्च (आईएएनएस)। मानहानि मामले में समन मिलना दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के लिए कोई नई बात नहीं है। भाजपा नेता अरुण जेटली की ओर से दायर मानहानि मामले में स्थानीय अदालत द्वारा समन जारी होने के बाद उन पर इस तरह के छह मुकदमे दायर हो चुके हैं।

नई दिल्ली, 13 मार्च (आईएएनएस)। मानहानि मामले में समन मिलना दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के लिए कोई नई बात नहीं है। भाजपा नेता अरुण जेटली की ओर से दायर मानहानि मामले में स्थानीय अदालत द्वारा समन जारी होने के बाद उन पर इस तरह के छह मुकदमे दायर हो चुके हैं।

2013 से 2016 के बीच केजरीवाल पर राजनेताओं और वकीलों ने कई मानहानि के मामले दायर किए हैं।

पिछले 9 मार्च को दिल्ली की पटियाला हाउस अदालत ने उनके खिलाफ दिल्ली जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) से जुड़े विवाद में कथित रूप से वित्त मंत्री जेटली के खिलाफ मानहानिजनक बयान देने पर समन जारी किया था।

इस मुकदमे के अलावा केजरीवाल के खिलाफ पटियाला हाउस अदालत में तीन और कड़कड़डूमा जिला अदालत में इसी तरह के दो और मामले लंबित हैं।

केजरीवाल के खिलाफ सबसे पहले दिल्ली की तत्कालीन मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के राजनीतिक सचिव पवन खेड़ा ने मानहानि का मुकदमा दायर किया था। केजरीवाल ने बिजली की दर में बढ़ोत्तरी के खिलाफ अक्टूबर 2012 में आयोजित विरोध रैली में शीला दीक्षित के खिलाफ कथित रूप से अपमानजनक टिप्पणी की थी। इस मामले में जुलाई, 2013 को कड़कड़डूमा अदालत ने उनके खिलाफ समन जारी किया था।

केजरीवाल के खिलाफ मानहानि का दूसरा मामला पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल के बेटे अमित सिब्बल ने 2013 में केजरीवाल के संवाददाता सम्मेलन के बाद ही दायर किया था। उस समय कपिल सिब्बल केंद्रीय दूरसंचार मंत्री थे और वोडाफोन मामले में शीर्ष अदालत में अमित सिब्बल कंपनी की ओर से वकील थे। इस पर संवाददाता सम्मेलन में केजरीवाल ने कथित रूप से कहा था कि यह हितों की लड़ाई है। इस मामले में जुलाई, 2013 को पटियाल हाउस अदालत के महानगर दंडाधिकारी ने आम आदमी पार्टी संयोजक केजरीवाल के खिलाफ समन जारी किया था।

मानहानि का तीसरा मामला भाजपा नेता नितिन गडकरी (जो अभी केंद्रीय मंत्री हैं) ने 2014 में दायर किया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि केजरीवाल ने जनवरी, 2014 में संवाददाता सम्मेलन में भारत के भ्रष्टतम लोगों की सूची में उनका नाम शामिल कर उनका अपमान किया। फरवरी, 2014 में अदालत ने केजरीवाल को आरोपी के रूप में समन जारी किया था।

इस मामले में केजरीवालल अदालत में उपस्थित तो हुए लेकिन निजी मुचलका भरने से इनकार कर दिया। इस पर न्यायालय ने उन्हें जेल भेज दिया। एक सप्ताह बाद वह निजी मुचलका भरकर जमानत पर रिहा हुए।

इन तीनों मामले में केजरीवाल पर अदालत ने आरोप तय किए हैं। उन्होंने अपने आप को निर्दोष बताया।

चौथा मानहानि का मामला अधिवक्ता सुरेंद्र शर्मा ने केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के खिलाफ 2013 में दर्ज कराया। अधिवक्ता ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी के इन दोनों नेताओं ने पहले उन्हें पार्टी का उम्मीदवार बनाना तय किया और बाद में बदनाम करते हुए टिकट देने से इनकार कर दिया।

गत साल अप्रैल में केजरीवाल ने इन आपराधिक मानहानि के मामलों की संविधानिक वैधता पर सवाल उठाते हुए सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी। इसके बाद शीर्ष अदालत ने इन मामलों की कार्यवाही पर रोक लगा दी।

मानहानि का पांचवां मामला दिल्ली से भाजपा सांसद रमेश बिधूड़ी ने केजरीवाल के खिलाफ दायर किया है। बिधूड़ी का आरोप है कि केजरीवाल ने उनके ऊपर आधारहीन आरोप लगाए। इस मामले में पटियाला हाउस अदालत ने केजरीवाल को 5 मई, 2016 को अदालत में हाजिर होने को कहा।

इन छह मामलों में केजरीवाल के खिलाफ समन जारी हो चुके हैं। इनके अलावा मानहानि की तीन अन्य अर्जियां उनके खिलाफ दी गई हैं और इनमें भी उनके खिलाफ समन जारी करने की मांग की गई है। ये मामले समन जारी करने से पहले के चरण में हैं और इनकी सुनवाई विभिन्न जिला अदालतों में हो रही है।

इन तीन अर्जियों में दो दिल्ली पुलिस के सिपाहियों की ओर से दी गई हैं जिसमें यह आरोप लगया गया है कि केजरीवाल ने खाकी वर्दी वालों के खिलाफ अपमानजनक शब्द कहे थे। इस मामले में साकेत जिला अदालत गवाहों के बयान दर्ज कर रही है।

तीसरा मानहानि का मामला डीडीसीए और उसके उपाध्यक्ष चेतन चौहान ने इस साल फरवरी में दायर किया जिसमें आरोप लगाया गया है कि केजरीवाल और अन्य ने अपमानजनक टिप्पणी कर डीडीसीए की प्रतिष्ठा पर चोट पहुंचाई। इस मामले में भी अदालत बयान दर्ज कर रही है।

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