नई दिल्ली, 19 सितम्बर (आईएएनएस)। स्पीलवायरमेसे जी की ओर से किड्स इंडिया 2015 का तीसरा सालाना खिलौना मेला मुंबई में 24 से 26 सितंबर के बीच आयोजित किया जाएगा। इस तीन दिवसीय मेले में अग्रणी कंपनियों जैसे सिंबा, डिकी, फनस्कूल, आर्टसाना चिको, फ्रैंक एजुकेशनल एड्स, जैसको, पीकॉक टॉयज, वाइनेक्स, जैफर समेत कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय कंपनियां अपने-अपने नवीनतम उत्पादों का प्रदर्शन करेंगी।
स्पीलवायरमेसे जी की निदेशक कैथरीना जानोटा ने शुक्रवार को एक संवाददाता सम्मेलन में इसकी घोषणा की। बॉम्बे कनवेंशन एंड एग्जीबिशन सेंटर में लगाया जाने वाला यह मेला खिलौना उद्योग का अंतर्राष्ट्रीय बी 2 बी (बिजनेस टू बिजनेस) आयोजन है।
यह मेला इंडो-जर्मन चैंबर ऑफ कॉमर्स, स्पोटर्स गुड्स प्रमोशन काउंसिल (एसजीईपीसी) और अखिल भारतीय खिलौना विनिर्माता संघ (टीएआईटीएमए) के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है।
कैथरीना जानोटा ने कहा, “किड्स इंडिया की असाधारण सफलता से भारतीय खिलौना उद्योग की क्षमता सामने आई है। तीन सालों में प्रदर्शनी की जगह 6,700 वर्ग मीटर से 8,500 वर्ग मीटर हो गई है। हमारा अनुमान है कि इस मेले में 6,000 विक्रेता और खरीदार जुटेंगे, जो किड्स इंडिया 2015 को भारतीय खिलौना उद्योग को सबसे बड़ा मेला बना देगा।”
अखिल भारतीय खिलौना विनिर्माता संघ के अध्यक्ष विवेक झंगियानी ने कहा, “भारतीय बाजार का काफी तेजी से विकास हो रहा है। नए-नए उत्पाद के बाजार में आने से यह बड़ी तेजी से वैश्विक बनता जा रहा है।”
भारतीय खिलौना उद्योग फिलहाल 40 करोड़ डॉलर का है, जिसके 2017 तक 45 करोड़ डॉलर तक पहुंचने की संभावना है। इस उद्योग के सकल घरेलू उत्पाद के तीव्र विकास और संगठित खुदरा व्यापार से यह बात उभरकर सामने आती है कि भारत के मध्य आय वर्ग में बच्चों के खिलौनों पर खर्च करने की क्षमता बढ़ी है। इससे अंतर्राष्ट्रीय कंपनियों को इस क्षेत्र में प्रवेश करने के आकर्षक मौके मिल रहे हैं।
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