कोलकाता, 27 मई (आईएएनएस)। केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती ने शनिवार को कहा कि उनकी सरकार गंगा नदी के कटाव को रोकने में मदद करेगी, लेकिन इस बात पर जोर दिया कि प्रस्ताव का मसौदा सही तरीके से तैयार किया जाए।
दक्षिण 24 परगना जिले के डायमंड हार्बर में एक सार्वजनिक बैठक के दौरान उमा भारती ने कहा, “मैं आपसे कह रही हूं कि पश्चिम बंगाल की सरकार मेरे मंत्रालय को जो प्रस्ताव भेजेगी, उस पर हम विचार करेंगे और क्रियान्वयन किया जाएगा। लेकिन मैं इस बात पर जोर देती हूं कि कृपया प्रस्ताव का मसौदा सही तरीके से तैयार करना सुनिश्चित करें। अगर मसौदे में गड़बड़ी पाई जाएगी, तो हम गलत प्रस्ताव के लिए आवंटन नहीं कर सकते। जब तक प्रस्ताव को नियमों के आधार पर तैयार नहीं किया जाएगा, हम कोष का आवंटन नहीं कर सकते। गंगा के नाम पर मैं फूटी कौड़ी का भी भ्रष्टाचार नहीं होने दूंगी।”
उन्होंने जोर दिया कि केंद्र सरकार राज्य में विकास के नाम पर राजनीति में संलिप्त नहीं है।
मंत्री ने कहा, “हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बात कही है..उन्होंने हमें विकास के नाम पर राजनीति में संलिप्त नहीं होने को कहा है। हम ऐसा नहीं करेंगे। मैं बंगाल में विकास के नाम पर कोई राजनीति नहीं करूंगी, यह मैं कह रही हूं ममता दीदी!”
उन्होंने कहा कि वह बंगाल सरकार को काकद्वीप में गंगा सागर के श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रस्ताव सौंपने के लिए पत्र लिखेंगी।
उमा भारती ने कहा, “महिलाओं को कपड़े बदलने के लिए अलग जगह की जरूरत है, उन्हें स्नानघर की जरूरत है। मैं मुख्यमंत्री को पत्र लिखूंगी और उनसे प्रस्ताव भेजने का अनुरोध करूंगी।”
उन्होंने कहा, “मुझे पता चला है कि हिल्सा मछली पहले चंबल तक पाई जाती थी। अब उसकी संख्या घट जाने के कारण मछुआरों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हमने फरक्का बैराज में फिश लैडर लगाने का फैसला किया है, ताकि हिलसा मछलियों की संख्या बढ़ सके और मछुआरों की आजीविका उन्हें वापस मिल सके।”
dharmpath.com dharmpath