लंदन, 10 सितम्बर (आईएएनएस)। यूरोप में एक महत्वपूर्ण अध्ययन में गंभीर अस्थमा के कुछ महत्वपूर्ण लक्षणों की पहचान आसान हुई है, जिससे भविष्य में अस्थमा से पीड़ित रोगियों के इलाज में सहायता मिलेगी।
अध्ययन में 11 देशों के वयस्क प्रतिभागियों के चार समूहों को शामिल किया गया और उन पर एक वर्ष तक नजर रखी गई।
समूह में गंभीर अस्थमा से पीड़ित धूम्रपान न करने वाले 311 और गंभीर अस्थमा से पीड़ित धूम्रपान करने वाले व धूम्रपान छोड़ चुके 110, हल्के अस्थमा से पीड़ित 88 रोगियों और 101 स्वस्थ लोगों को शामिल किया गया।
परिणाम में साबित हुआ कि गंभीर अस्थमा से पीड़ित रोगियों में हल्के रोगग्रस्त लोगों की तुलना में गहरा लक्षण और प्रकोप पाया गया। इन रोगियों में तनाव और उत्कंठा का बढ़ा स्तर, निम्न गुणवत्ता वाला जीवन, नाक में ज्यादा पॉलिप, अम्ल अपच (गैस बनना) और फेफड़ों की खराब स्थिति पाई गई।
इस अध्ययन का एक मुख्य परिणाम यह भी निकला कि गंभीर अस्थमा से पीड़ित रोगियों की श्वास नली में इलाज के बावजूद अधिक सूजन पाया गया।
युनिवर्सिटी ऑफ नॉटिंघम के मुख्य लेखक डॉमिनिक शॉ ने बताया कि परिणामों को विभिन्न समूहों में विभाजित कर रोगियों का शीघ्र और सही निदान किया जा सकता है और उनके रोग को बढ़ाने वाले कारकों के अनुरूप उपचार दिया जा सकता है।
शॉ ने कहा कि इन नए उपचारों की पहचान करके हम पुराने रोग की समस्या को कम कर सकते हैं।
यूरोपियन रेस्पिरेटरी जर्नल में प्रकाशित शोधपत्र आज के समय में गंभीर अस्थमा से पीड़ित वयस्कों के रोग के लक्षणों, रोगी के जीवन स्तर और रक्त व सांस नली से संबंधित सबसे बड़ा मूल्यांकन है।
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