लखनऊ, 26 जून (आईएएनएस)। केंद्रीय आयुष मंत्री श्रीपाद नाईक ने कहा है कि योग को गांव गांव तक पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार काम कर रही है और इसके लिए टॉस्क फोर्स का गठन किया गया है। यह टास्क फोर्स तीन महीने के भीतर अपनी रिपार्ट सरकार को सौंपेगी।
लखनऊ, 26 जून (आईएएनएस)। केंद्रीय आयुष मंत्री श्रीपाद नाईक ने कहा है कि योग को गांव गांव तक पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार काम कर रही है और इसके लिए टॉस्क फोर्स का गठन किया गया है। यह टास्क फोर्स तीन महीने के भीतर अपनी रिपार्ट सरकार को सौंपेगी।
नाईक ने साफतौर पर कहा कि योग, यूनानी, सिद्धा और आयुर्वेद को बढ़ावा देने के लिए जल्द ही हर राज्य में आयुष विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी।
केंद्रीय मंत्री नाईक ने आईएएनएस के साथ विशेष बातचीत में यह भी कहा कि जल्द ही सरकार हर राज्य में एम्स की तर्ज पर आयुष के ‘एम्स’ खोलेगी।
उन्होंने कहा कि अगले दो साल के भीतर हर गांव तक योग को पहुंचाया जाएगा और देश के पांच राज्यों में आयुष के लिए एम्स खोले जाएंगे। उन्होंने बताया, “देश के पांच राज्यों- दिल्ली, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, ओड़िशा और पश्चिम बंगाल में ये एम्स खोले जाएंगे।”
श्रीपद ने कहा कि हर राज्य में आयुष विश्वविद्यालय खोला जाएगा और इसकी शुरुआत दिल्ली से होगी। उन्होंने कहा, “यूनानी, योग, आयुर्वेद और सिद्धा को बढ़ावा देने के लिए हर राज्य में आयुष विश्वविद्यालय खोले जाने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। इस विश्वविद्यालय के माध्यम से पढ़ाई करने वालों को सर्टिफिकेट विश्वविद्यालय जारी करेगा।”
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आयुष मंत्रालय का गठन हुए अभी छह महीने ही हुए हैं, इसलिए अभी इस मंत्रालय का खाका तैयार किया जा रहा है। पूरे देश में आयुष के प्रचार-प्रसार के लिए टास्क फोर्स के माध्यम से जानकारियां एकत्र की जा रही हैं।
उन्होंने कहा, “पूरे देश से जानकारी एकत्र होने के बाद आगे बढ़ा जाएगा और हर राज्य में इसके प्रचार-प्रसार का खाका तैयार किया जाएगा। टास्क फोर्स की जो कमेटी बनाई गई है, उसका अध्यक्ष डॉ. नागेंद्र को बनाया गया है।”
नाईक ने कहा कि आयुष के प्रचार के लिए देश के नौ राज्यों में आयुष मेले का आयोजन किया जा रहा है। जल्द ही इस तरह के मेले अन्य राज्यों में भी लगाए जाएंगे।
उत्तर प्रदेश की अखिलेश सरकार को निशाने लेते हुए आयुष मंत्री ने कहा कि उप्र में आयुष के प्रचार के लिए राज्य सरकार ने कोई प्रस्ताव केंद्र के पास नहीं भेजा है। यदि राज्य सरकार की तरफ से आयुष को लेकर कोई प्रस्ताव भेजा जाता है तो केंद्र सरकार उस पर विचार करेगी।
योग को पाठयक्रम में शामिल किए जाने को लेकर मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की ओर से उठाई गई आपत्ति पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि योग को पाठ्यक्रम में शामिल जरूर किया जाएगा, लेकिन यह अनिवार्य नहीं होगा। जिसे योग से लगाव होगा, वह खुद इससे जुड़ेगा।
आपत्तियों को लेकर श्रीपद नाईक ने कहा, “बेहतर होता कि लोग आपत्तियां उठाने के बजाय मंत्रालय को अच्छी सलाह देते। बेवजह का विवाद खड़ा नहीं किया जाना चाहिए।”
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