लखनऊ/देहरादून, 26 जून (आईएएनएस)। सालाना चारधाम यात्रा के दौरान उत्तराखंड में खराब मौसम के कारण फंसे श्रद्धालुओं के लिए राहत एवं बचाव का कार्य राज्य सरकार ने शुक्रवार को शुरू कर दिया। अधिकारियों ने मामले की जानकारी दी।
राज्य में पिछले 24 घंटों के दौरान गुरुवार सुबह से भारी बारिश हुई है। वहीं मौसम विभाग ने मानसूनी बारिश से राहत मिलने के कोई संकेत नहीं दिए हैं।
तीर्थयात्रा के विभिन्न मार्गो पर फंसे श्रद्धालुओं को बाहर निकालने और उनकी सहायता करने के लिए भारतीय वायुसेना (आईएएफ) के पांच हेलीकॉप्टरों को तैनात किया गया है। इसके अलावा मूसलाधार बारिश में क्षतिग्रस्त और बह गए पुलों की मरम्मत के लिए कई सैनिकों को रवाना किया गया है।
जिले के अधिकारियों ने आईएएनएस से कहा कि राज्य आपदा राहत बल (एसडीआरएफ) ने भी गोविंदघाट, घंघारिया, गुप्तकाशी और चमोली जिले में कई अन्य स्थानों पर राहत अभियान शुरू किए हैं।
चमोली स्थित लक्ष्मण गंगा पुल को भारी नुकसान हुआ है और इसकी मरम्मत का कार्य जारी है।
2013 की तबाही में सर्वाधिक नुकसान पहुंचाने वाली अलकनंदा नदी एक बार फिर उफान पर है।
बद्रीनाथ राजमार्ग पर लंबागढ़ के पास 100 मीटर का मार्ग पानी में बह गया है, इससे पर्यटक और स्थानीय लोग रास्ते में फंस गए हैं।
बद्रीनाथ में 1500 श्रद्धालु रुके हुए हैं, जबकि 800 श्रद्धालु खराब मौसम के कारण हेमकुंड साहिब के रास्ते में फंसे हुए हैं।
अधिकारियों ने बताया कि सोनप्रयाग में भारी बारिश में एक पुल बह गया और गंगोत्री राजमार्ग बंद कर दिया गया।
अधिकारियों ने यह भी बताया कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत स्वयं स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। साथ ही उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की पहली प्राथमिकता श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करनी है।
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