लखनउ, 17 फरवरी (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री गायत्री प्रजापति के खिलाफ महिला के साथ कथित यौन उत्पीड़न मामले में एक एफआईआर दर्ज करने के उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद गायत्री ने इसे खुद के खिलाफ राजनीतिक साजिश करार दिया है।
मीडियाकर्मियों से बातचीत के दौरान प्रजापति ने कहा, “मेरी छवि बिगाड़ने के लिए भाजपा के इशारे पर यह राजनीतिक साजिश है।”
प्रजापति की दलील है कि वह आरोप लगाने वाली महिला को नहीं जानते। उन्होंने हालांकि शीर्ष अदालत के आदेश का सम्मान करने की बात कही है।
प्रजापति को सत्ताधारी सपा ने अमेठी से फिर उम्मीदवार बनाया है, जहां पांचवें चरण के तहत 27 फरवरी को मतदान होना है।
उल्लेखनीय है कि सर्वोच्च न्यायालय ने उत्तर प्रदेश पुलिस को निर्देश दिया है कि वह आठ सप्ताह के भीतर मामले की स्थिति रिपोर्ट दाखिल करें।
प्रजापति पर एक महिला का आरोप है कि जब वह उनसे तीन वर्ष पहले मिली थी तो उन्होंने उसके साथ दुष्कर्म किया। गायत्री ने पीड़िता के कुछ आपत्तिजनक फोटो भी लिए और धमकी दी कि वह इन फोटो को सार्वजनिक कर देंगे। इस धमकी के दम पर वह दो साल तक दुष्कर्म करते रहे।
महिला का आरोप है कि सपा में महत्वपूर्ण पद दिलाने के नाम पर उसके साथ प्रजापति और अन्य लोगों ने दो वर्ष तक लगातार दुष्कर्म किया। उत्तर प्रदेश पुलिस के एफआईआर दर्ज नहीं करने पर महिला ने शीर्ष अदालत की शरण ली थी।
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