अहमदाबाद, 4 अगस्त (आईएएनएस)। गुजरात उच्च न्यायालय ने गुरुवार को सरकार के उच्च जातियों के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को 10 फीसद आरक्षण दिए जाने के फैसले को खारिज कर दिया।
न्यायालय एक जनहित याचिका की सुनवाई कर रहा था, जिसमें एक मई को दिए गए आनारक्षित वर्ग को आर्थिक आधार पर दिए गए आरक्षण के फैसले को चुनौती दी गई थी। इसकी दलील में कहा गया कि यह संविधान के सबसे साथ समान व्यवहार किए जाने की भावना का उल्लंघन करता है।
सरकार की दलील थी कि यह आरक्षण आर्थिक आधार पर सर्वोच्च न्यायालय के तय किए हुए 50 फीसद आरक्षण के प्रावधान में छेड़छाड़ कर दिया गया है।
सरकार ने उच्च जातियों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, जिनकी वार्षिक आय 6 लाख रुपये है, को 10 प्रतिशत आरक्षण देने की घोषणा की थी।
यह फैसला पाटीदार समुदाय की ओर से अन्य पिछड़ा वर्ग के तहत नौकरियों में आरक्षण देने की मांग को लेकर 10 महीने चलाए गए आंदोलन के बाद लिया गया था।
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