गांधीनगर, 31 मार्च (आईएएनएस)। गुजरात सरकार ने शुक्रवार को गौ संरक्षण अधिनियम में संशोधन करते हुए इसे और कड़ा बनाने के तहत गोकशी करने वालों को आजीवन कारावास की सजा तक का प्रावधान किया है।
प्रदेश विधानसभा ने गुजरात पशु संरक्षण अधिनियम 1954 में संशोधन करते हुए गोकशी करने वालों को अधिकतम सजा के रूप में आजीवन कारावास तथा पांच लाख रुपये जुर्माने की सजा का प्रावधान किया है।
इस अधिनियम के साथ ही, राज्य में गोकशी एक गैर-जमानती अपराध हो गया है। अब अगर कोई व्यक्ति गोमांस के साथ पकड़ा गया, तो उसे सात वर्ष से लेकर 10 वर्षो की सजा हो सकती है।
नए कानून के मुताबिक, यहां तक कि जिन्हें परमिट मिला हुआ हो, उन्हें भी रात में कोई भी मांस ले जाने की अनुमति नहीं होगी।
dharmpath.com dharmpath