नई दिल्ली/गाजियाबाद, 11 मार्च (आईएएनएस)। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) को साइबर सुरक्षा खतरों का सामना करने के लिए तैयार रहने को प्रोत्साहित किया।
गाजियाबाद में सीआईएसएफ के 47वें संस्थापना दिवस परेड को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री ने रेखांकित किया कि साइबर सुरक्षा खतरा और हैकिंग बड़ी सुरक्षा चिंताओं के रूप में उभर रही हैं क्योंकि साइबर खतरा आतंकवाद का एक नया पहलू है। सिंह ने कहा कि भारत विश्व की 10 सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक है और दो वर्षो के भीतर हमारी अर्थव्यवस्था दो हजार अरब डॉलर से बढ़कर पांच हजार अरब डॉलर तक पहुंच जाएगी।
उन्होंने कहा कि हमारे दुश्मन इस बात को पसंद नहीं कर रहे और इसीलिए वे हमारी सामरिक परिसंपत्तियों एवं अहम प्रतिष्ठानों जैसे सॉफ्ट टार्गेट पर हमला करने की साजिश रच रहे हैं। मंत्री ने कहा कि सीआईएसएफ को हवाई अड्डों, दिल्ली मेट्रो, नाभिकीय बिजली संयंत्रों एवं अन्य उच्च मूल्य वाले प्रतिष्ठानों समेत ऐसी ही संवेदनशील परिसंपत्तियों की सुरक्षा का प्रमुख प्रहरी बनने के लिए अपनी मूल क्षमता को बढ़ाना होगा।
समारोह में उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए सीआईएसएफ के महानिदेशक सुरेंदर सिंह ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री के निर्देश पर सीआईएसएफ हर चार से छह महीनों पर अपनी कमान के तहत विभिन्न परिसंपत्तियों के सुरक्षा लेखा के काम को भी अंजाम दे रहा है।
इस अवसर पर, राजनाथ सिंह ने परेड का निरीक्षण किया एवं मार्च पास्ट की सलामी ली। उन्होंने प्रतिभाशाली सीआईएसएफ अधिकारियों एवं जवानों को मेडल प्रदान किए एवं सीआईएसएफ की पत्रिकाओं ‘सेंटीनल’ एवं ‘संरक्षिका’ का विमोचन भी किया।
dharmpath.com dharmpath