गौरतलब है कि पिछले कई साल से मध्यप्रदेश में समर्थन मूल्य से सौ रुपये अतिरिक्त बोनस दिया जाता रहा है, जिससे यूपी के बॉर्डर इलाकों के बड़े-बड़े किसान गेहूं बेचने के लिए मध्यप्रदेश जाते रहे हैं।
सूत्र बताते हंै कि अब मध्यप्रदेश के व्यापारियों ने यूपी के किसानों को आकर्षित करने के लिए समर्थन मूल्य 1450 रुपये के सापेक्ष गेहूं की खरीद 1500 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है। साथ ही नकद भुगतान किया जा रहा है, जिससे प्रदेश के किसान गेहूं बेचने के लिए मध्यप्रदेश के सीमावर्ती जनपदों में जा रहे हैं।
ऐसी स्थिति में उत्तर प्रदेश के कई खरीद केंद्रों में सन्नाटा पसरा हुआ है, रही सही कसर उप्र के क्रय केंद्रों पर अव्यवस्था ने पूरी कर दी है।
किसान राम औतार का कहना है कि यूपी के सरकारी खरीद केंद्रों में किसानों के गेहूं को कोई तरजीह नहीं दी जा रही है। कभी पल्लेदार न होने का बहाना बनाकर लौटा दिया जाता है तो कभी गेहूं ‘खराब’ बताकर खरीद नहीं की जाती है।
यदि खरीद भी लिया गया तो भुगतान के लिए महीनों चक्कर कटवाए जाते हैं। जबकि इसके विपरीत मध्यप्रदेश में यह सब झंझट नही है। गेहूं जैसा भी हो, 1500 रुपये में खरीद कर तत्काल भुगतान किया जा रहा है। इसलिए वहीं जाकर बेचना सही लग रहा है।
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