नई दिल्ली, 24 अगस्त (आईएएनएस)। भारत के सर्वोच्च वरीयता प्राप्त गोल्फ खिलाड़ी अनिर्बान लाहिड़ी ने सोमवार को कहा कि देश के लिए ओलंपिक में पदक जीतना उनका सपना है।
हाल ही में अमेरिका में आयोजित पीजीए चैम्पियनशिप में संयुक्त रूप से पांचवां स्थान हासिल करने वाले अनिर्बान ने अपने प्रायोजक-हीरो मोटोकॉर्प लिमिटेड के चेयरमैन और प्रबंधन निदेशक पवन मुंजाल द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में यह बात कही।
अनिर्बान ने कहा कि ओलंपिक में खेलना और पदक जीतना उनका सपना है। विश्व के 39वीं वरीयता प्राप्त खिलाड़ी अनिर्बान ने कहा, “ओलंपिक में देश के लिए हिस्सा लेना और पदक जीतना निश्चित तौर पर किसी भी खिलाड़ी का सपना होता है। मैं इससे अछूता नहीं हूं। मैं जानता हूं कि आज की तारीख में गोल्फ को आगे ले जाने के लिए सरकारी मदद की जरूरत है और जब तक पेशेवर गोल्फ खिलाड़ी ओलंपिक जैसे आयोजन में हिस्सा लेकर देश का मान नहीं बढ़ाएंगे तब तक सरकारी मदद नहीं मिल सकती।”
इस अवसर पर पवन मुंजाल ने कहा, “पीजीए चैम्पियनशिप में अनिर्बान का शीर्ष पांचवां स्थान हासिल करना प्रसन्नता की बात है और यह भविष्य में और भी महान उपलब्धियां हासिल करने का संकेत है। यह दुनिया में भारतीयों द्वारा एक नई पहचान बनाने का एक और उदाहरण है। मुझे आशा है कि अनिर्बान वैश्विक नायकों में शामिल होंगे और भारत में गोल्फ को एक नया स्थान दिलाएंगे।”
ओलंपिक में किसी भी देश के दो खिलाड़ी हिस्सा ले सकते हैं। इन खिलाड़ियों का चयन पीजीए टूर में उनकी वरीयता के हिसाब से होता है। पीजीए रैंकिंग में भारत की ओर से जो शीर्ष दो खिलाड़ी होंगे, केवल वहीं ओलंपिक में शिरकत कर सकेंगे। ऐसे में भारत की ओर से रियो ओलम्पिक में अनिर्बान और एस.एस.पी. चौरसिया के हिस्सा लेने की पूरी उम्मीद है।
पीजीए चैम्पियनशिप से ढाई करोड़ रुपये का पुरस्कार हासिल करने वाले अनिर्बान ने अपनी इस सफलता को लेकर कहा, “मेरा ध्यान खिताब की ओर नहीं था। मैं सिर्फ बर्डी लगाते रहना चाहता था। मैं अच्छे शॉट्स खेल रहा था और इसीलिए भारी दबाव के बावजूद अच्छा करने में सफल रहा। मैं सिर्फ अच्छे परिणाम को ध्यान में रखे हुए था।”
अपने करियर में लगातार छह बड़े मेजर खेल चुके अनिर्बान ने पीजीए चैम्पियनशिप में भारत की ओर से अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन करते हुए संयुक्त रूप से पांचवां स्थान हासिल किया था। 2009 में जीव मिल्खा सिंह इस चैम्पियनशिप में संयुक्त रूप से नौवें स्थान पर रहे थे।
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