पणजी, 3 सितम्बर (आईएएनएस)। कांग्रेस ने कहा है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की गोवा इकाई और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच तकरार केवल रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर और सुभाष वेलिंगकर के बीच अहंकार की लड़ाई है।
कांग्रेस प्रवक्ता ट्राजनो डीमेलो ने शनिवार को कहा, “हमारे अनुसार यह सब दिखावा है। असल में यह पर्रिकर और सुभाष वेलिंगकर(गोवा में आरएसएस के अलग हुए गुट के मुखिया) के बीच की तकरार है।”
डीमेलो ने कहा, “उन दोनों ने 2012 चुनाव में जीत के लिए रणनीति बनाई थी, लेकिन पर्रिकर को सारा श्रेय मिल गया।”
संघ के शीर्ष नेताओं द्वारा यह दावा किए जाने के बाद कि वेलिंगकर क्षेत्रीय भाषाओं के समर्थन में जो अभियान चला रहे हैं, उसने राजनीतिक रूप ले लिया है, उन्हें गोवा में आरएसएस प्रमुख के पद से बर्खास्त कर दिया गया था।
इसके बाद आरएसएस की गोवा इकाई के सभी पदाधिकारियों ने वेलिंगकर के प्रति एकजुटता दर्शाते हुए इस्तीफा दे दिया था और गोवा में आरएसएस का एक नया गुट बनाकर वेलिंगकर को उसका मुखिया नियुक्त कर दिया था।
वेलिंगकर ने पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर पर उन पर निशाना साधने और गोवा संघ चालक के पद से बर्खास्त करवाने का आरोप लगाया था।
हालांकि कांग्रेस ने जोर देकर यह भी कहा कि दोनों गुटों के बीच की यह तकरार अस्थायी हो सकती है।
डीमेलो ने कहा, “यह सारा नाटक अस्थायी है। सब सुलझ जाएगा।”
इस तकरार से क्या कांग्रेस को आगामी राज्य विधानसभा चुनाव में फायदा होगा? इस सवाल पर डीमेलो ने कहा, “कांग्रेस खुद अपने बूते पर चुनाव लड़ेगी। हम इसके लिए किसी पर भी निर्भर नहीं हैं।”
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