पणजी, 12 अगस्त (आईएएनएस)। गोवा के मुख्यमंत्री लक्ष्मीकांत परसेकर ने शुक्रवार को विधानसभा में कहा कि एक गैर-पुलिस अधिकारी, पुलिस महानिरीक्षक ( आईजीपी) सुनील गर्ग के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की निष्पक्षता से जांच करेगा।
परसेकर ने कहा, “एक स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच एक गैर-पुलिस अधिकारी द्वारा की जाएगी।”
एक स्थानीय व्यापारी ने गुरुवार को गर्ग पर धोखाधड़ी के एक मामले में 5.5 लाख रुपये की रिश्वत मांगने और लेने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
राजधानी से 35 किलोमीटर दूर वास्को के पोर्ट टाउन में एक व्यापारिक प्रतिष्ठान चलाने वाले मुन्नालाल हलवाई ने कहा कि उसने गर्ग को दो किस्तों में साल 2015 में रिश्वत दी थी। इसमें एक बार पणजी मुख्यालय के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के केबिन में भी भुगतान किया गया था।
पणजी में संवाददाता सम्मेलन में हलवाई ने संवाददाताओं से कहा, “गर्ग ने पहले एफआईआर दर्ज करने के लिए मुझसे धोखाधड़ी की रकम 1.15 करोड़ में से दस प्रतिशत हिस्सा मांगी थी। सौदेबाजी के बाद वह पांडा पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज करने के लिए करीब 5 लाख रुपये लेने को राजी हुए।”
उन्होंने सितंबर 2015 में पुलिस मुख्यालय में गर्ग और अपने बीच हुई बातचीत का आडियो क्लिप भी सुनाया।
महानिरीक्षक ने इन आरोपों का खंडन किया है। गर्ग ने कहा, “मैं साफ तौर पर आरोपों का खंडन करता हूं।” हालांकि, उन्होंने हलवाई से मिलने से इनकार नहीं किया, और कहा कि उन्होंने कुछ गलत नहीं किया था।
कांग्रेस प्रवक्ता सुनील कवथांकर ने अपने दिए गए बयान में गर्ग के तत्काल निलंबन की मांग की है।
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