पणजी, 23 मार्च (आईएएनएस)। गोवा में कांग्रेस के विधायकों ने गुरुवार को विधानसभा में गुरुवार को राज्यपाल मृदुला सिन्हा के अभिभाषण के दौरान बाजुओं पर काली पट्टी बांधकर विरोध जताया और फिर सदन से बहिर्गमन कर गए।
उन्होंने विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरने के बावजूद पार्टी को राज्य में सरकार बनाने के लिए नहीं आमंत्रित किए जाने के लिए राज्यपाल पर ‘लोकतंत्र की हत्या’ का आरोप लगाया।
विधानसभा के परिसर में संवाददाताओं से बातचीत में विपक्ष के नेता चंद्रकांत कावलेकर ने कहा कि सिन्हा का फैसला ‘असंवैधानिक’ और ‘पक्षपातपूर्ण’ था।
कांग्रेस नेता ने कहा, “हम काली पट्टी बांधकर इसलिए आएं हैं ताकि राज्यपाल अपने विवादित और असंवैधानिक फैसले के प्रति हमारी नाराजगी को देखें, जिसे केंद्र सरकार के निर्देशों के तहत लिया गया। उन्होंने इस फैसले से संविधान की हत्या की है।”
इससे पहले जब नई विधानसभा को संबोधित करने के लिए राज्यपाल सिन्हा उठीं तो कांग्रेस विधायकों ने नारेबाजी की और सदन से बर्हिगमन किया।
गोवा विधानसभा चुनाव में हालांकि किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिला, पर कांग्रेस 17 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी। लेकिन सरकार बनाने का मौका भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को मिला, जिसने चुनाव में केवल 13 सीटें जीतीं।
भाजपा नेता मनोहर पर्रिकर ने दो क्षेत्रीय दलों के विधायकों सहित कुल आठ विधायकों के समर्थन से राज्य में सरकार बनाई।
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