गोवा : विपक्षी दलों ने सेना के सामूहिक मतदान पर उठाई उंगली

पणजी, 11 फरवरी (आईएएनएस)। गोवा में विपक्षी दलों ने शनिवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर भारतीय सेना के जवानों को अपने पक्ष में मतदान करने के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया है।

गोवा विधानसभा के लिए मतदान चार फरवरी को हुए।

कांग्रेस और गोवा फॉरवर्ड दल के नेताओं ने दावा किया है कि दक्षिण गोवा के नावेलिम स्थित भारतीय सेना के 3एमटीआर शिविर और पोंडा के 6टीटीआर शिविर के जवानों ने बड़ी संख्या में मतदान किया।

उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी के प्रत्याशियों को छावनी इलाके में प्रचार नहीं करने दिया गया।

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और नावेलिम से पार्टी प्रत्याशी लुइजिन्हो फलेरो ने शनिवार को आईएएनएस को बताया, “छावनी के तीन एमटीआर शिविरों के 700 जवानों को अचानक मतदाता सूची में शामिल किया गया। मतदाताओं का इतनी संख्या में एकसाथ पंजीकरण और मतदान पहले कभी नहीं हुआ..यह और कुछ नहीं बल्कि राज्य में चुनाव प्रक्रिया पर सर्जिकल स्ट्राइक है।”

फलेरो ने कहा, “हमारे संदेह का कारण यह है कि जवानों को मतदाता सूची में शामिल करते हुए इस बात का सत्यापन ही नहीं किया गया कि वे अपने गृहनगर में पंजीकृत मतदाता हैं या नहीं।”

उन्होंने कहा कि पोंडा विधानसभा क्षेत्र में भी इसी तरह का अभूतपूर्व मतदान देखने को मिला, जहां 6 टीटीआर शिविर है।

फलेरो ने बताया कि निर्वाचन आयोग से इस संबंध में शिकायत की गई है।

क्षेत्रीय दल गोवा फॉरवर्ड ने भी कहा है कि नावेलिम में सेना के जवानों द्वारा मतदान में आए इस उछाल की निर्वाचन आयोग को जांच करनी चाहिए।

पार्टी प्रवक्ता प्रशांत नाइक ने कहा, “यह कैसे संभव है कि नामांकन भरने की आखिरी तारीख को एकसाथ 600 जवानों को मतदाता सूची में शामिल कर लिया जाता है? यहां तक कि बूथ अधिकारियों को छावनी इलाके में मतदाताओं की पहचान सत्यापित करने की इजाजत नहीं दी गई।”

भाजपा ने वहीं विपक्षी दलों के आरोपों को निराधार बताया है और राजनीतिक दलों को इस मुद्दे को बिना वजह मुद्दा बनाने का आरोप लगाया है।

भाजपा की प्रदेश इकाई के महासचिव नरेंद्र केशव सवायकर ने कहा, “कांग्रेस हर मुद्दे को राजनीतिक रूप देना चाहती है। उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए। सेना के जवानों के पास भी मताधिकार है और यदि वे अपने अधिकार का उपयोग करते हैं तो किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए। बल्कि उन्हें गर्व होना चाहिए कि सेना के जवानों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।”

पंजाब के साथ गोवा में चार फरवरी को विधानसभा चुनाव के लिए मतदान हुए थे। गोवा में 83 फीसदी के करीब मतदान हुआ है। चार अन्य राज्यों के साथ गोवा विधानसभा चुनाव की मतगणना 11 मार्च को होगी।

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