नई दिल्ली, 2 फरवरी (आईएएनएस)। वैश्विक सुस्ती के बीच घरेलू अर्थव्यवस्था के विस्तार के लिए केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने मंगलवार को ग्राम विकास पर खर्च बढ़ाने की जरूरत बताई।
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) योजना का 10 वर्ष पूरा होने के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में जेटली ने कहा, “गत दो साल से मानसून खराब रहने के कारण ग्रामीण खर्च में गिरावट दर्ज की गई है। ऐसी स्थिति में सरकार को आगे आकर गांवों में खर्च बढ़ाना चाहिए। सरकारी खर्च की गति बढ़ी है।”
उन्होंने कहा कि भारत के समकक्ष बताई जाने वाली दक्षिण कोरिया, ब्राजील और रूस की अर्थव्यवस्थाओं में सुस्ती दिख रही है।
उन्होंने कहा, “हम उन वैश्विक घटनाक्रमों को रोक नहीं सकते, जिनका हम पर प्रभाव पड़ रहा है, लेकिन गांवों में मांग बढ़ाना हमारे अपने हाथ में है।”
उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण, विद्युतीकरण, सिंचाई और फसल बीमा के जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था में जान फूंकना सरकार की प्राथमिकता है।
इस मौके पर ग्रामीण विकास मंत्री वीरेंद्र सिंह ने संवाददाताओं से कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार ने मनरेगा योजना में नई जान डाली है।
उन्होंने कहा, “मनरेगा योजना से आठ करोड़ से अधिक परिवारों को रोजगार मिला है और हम अगले वर्ष इसे 11 करोड़ परिवारों तक बढ़ाना चाहते हैं।”
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