नई दिल्ली, 8 मई (आईएएनएस)। ग्रीनपीस इंडिया ने केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से नौ अप्रैल को मिले कारण बताओ नोटिस के जबाब में शुक्रवार को सभी आरोपों का खंडन किया है और अपने देशी बैंक खातों से फौरन रोक हटाने की मांग की है।
ग्रीनपीस इंडिया के आधिकारिक प्रतिनिधि मंडल ने लिखित जवाब गृह मंत्रालय को सौंपा।
ग्रीनपीस इंडिया के कार्यकारी निदेशक समित आइच ने कहा, “हमें विश्वास है कि यह जबाब बिना किसी संदेह हमारी वैधता को स्थापित करेगा। हमारे खिलाफ लगे सभी आरोपों का जबाब हमने दिया है और पूरी पारदर्शिता और ईमानदारी बरती है।”
आइच ने कहा, “इसके विपरीत गृह मंत्रालय ने हमारा मुंह बंद करने के लिए अनर्गल आरोप और मनमाना जुर्माना लगाया है। स्वच्छ हवा, पानी और सस्ती उर्जा के लिए अपने अभियान पर हम गर्व करते रहेंगे और इन गंदी चालबाजियों से भयभीत नहीं होंगे।”
ग्रीनपीस इंडिया के अनुसार, कारण बताओ नोटिस छोटी-छोटी भूलों और अवांक्षित आरोपों से भरी है, जिससे गृह मंत्रालय की प्रतिष्ठा धूमिल होती है।
ग्रीनपीस ने यह आरोप भी लगाया कि गृह मंत्रालय प्रासंगिक दास्तावेज मुहैया कराने के अपने आग्रह को पूरा करने में असफल रहा और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन करने के बजाए मीडिया में गलत जानकारी लीक करता रहा।
समित ने बताया, “भारत में हम पिछले 14 वर्षो से काम कर रहे हैं और पूरे कार्यकाल में अपना हिसाब-किताब उचित और विश्वसनीय ढंग से सौंप रहे हैं। हमें स्पष्ट जानना चाहिए कि यह खातों और अंकों का मामला नहीं है। यह एक मंत्रालय द्वारा ग्रीनपीस इंडिया को बंद करने की कार्रवाई है जिसे मंत्रालय में सामने आकर खुलकर कहने का साहस नहीं है।”
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