ग्वालियर-पूर्व मुख्यमंत्री व राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह का संघ व भाजपा के खिलाफ गलत बयान देना मुश्किल बढ़ा सकता है। विशेष सत्र न्यायालय ने न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश को निरस्त कर दिया, जिसमें दिग्विजय सिंह को बयान देने में दोषी नहीं माना था। विशेष सत्र न्यायालय ने आदेश दिया है कि विचारण न्यायालय पुन: इस मामले की सुनवाई करें। परिवादी व उनके अधिवक्ता ने जो तर्क दिए हैं, उनका विश्लेषण कर पुन: आदेश पारित करें। परिवादी को 30 मई को अपने अधिवक्ता के साथ न्यायिक मजिस्ट्रेट के यहां उपस्थित होना होगा। यदि परिवादी साक्ष्यों के आधार पर मामला साबित करने में कामयाब होते हैं तो दिग्विजय सिंह के खिलाफ मानहानि का केस दर्ज हो सकता है।
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