ग्वालियर, 6 नवंबर (आईएएनएस)। भूमिहीनों के अधिकारों को लेकर केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के गृहनगर ग्वालियर में मंगलवार से दो दिवसीय जनसंसद का आयोजन किया जा रहा है।
इस जनसंसद में देशभर से हजारों भूमिहीन लोग हिस्सा लेंगे। इसका आयोजन एकता परिषद कर रहा है।
एकता परिषद के मुताबिक, राष्ट्रीय भूमि सुधार के लिए 2018 में 1,00,000 लोगों के दिल्ली कूच करने से पहले सात एवं आठ नवंबर को ग्वालियर में भूमि अधिकार जनसंसद का आयोजन किया जा रहा है।
यह केंद्र सरकार के लिए एक चेतावनी है कि उन्होंने 2012 में जो वादा किया था, उसे पूरा करें या उन वादों को लिखित में खारिज करने की घोषणा करें।
एकता परिषद की विज्ञप्ति के मुताबिक, “2012 में मुरैना के तत्कालीन सांसद और वर्तमान में केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने सत्याग्रहियों के बीच जाकर सत्याग्रह का समर्थन किया था। इस दौरान भूमिहीनों के अधिकारों के लिए हर संभव सहयोग दिलाने का भरोसा दिलाया गया था।” जनसंसद में पूरे ग्वालियर-चम्बल संभाग के 30 विधानसभा क्षेत्रों से लगभग 10,000 लोग शिरकत कर रहे हैं।
गौरतलब है कि एकता परिषद ने 2007 से लेकर 2012 तक दो बड़े आंदोलनों के माध्यम से राष्ट्रीय भूमि सुधार के मुद्दे को सरकार के प्राथमिक मुद्दों में लाकर खड़ा कर दिया था। साल 2012 में आगरा में एकता परिषद एवं केंद्र सरकार के बीच भूमि सुधार को लेकर एक समझौता हुआ था। उस समय यह घोषणा की गई थी कि भूमिहीन अगले पांच साल तक राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन नहीं करेंगे। पांच साल बीतने के बाद अब तक भूमि सुधार का काम अधूरा है।
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