मुंबई, 14 मई (आईएएनएस)। अनुभवी अभिनेता इरफान खान का कहना है कि वह पर्दे के चरित्रों के लिए कभी अपने व्यक्तिगत अनुभवों से प्रेरणा नहीं लेते। उनका मानना है कि ऐसा करना किसी भी अभिनेता के लिए काफी नुकसानदेह हो सकता है।
इरफान अगली फिल्म ‘मदारी’ में पिता की भूमिका में है, जिसने अपने बच्चे को खो दिया है।
उनसे पूछा गया कि दो बच्चों का पिता होने के नाते क्या ‘मदारी’ में आपने इन भावनाओं के साथ पिता का किरदार निभाया है? जवाब में उन्होंने कहा, “बिल्कुल नहीं। मैं ऐसा कभी नहीं करता। मैं अपने व्यक्तिगत अनुभवों को कभी फिल्म में इस्तेमाल नहीं करता। मेरा मानना है कि यह काफी नुकसानदेह हो सकता है।”
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ‘मदारी’ भ्रष्टाचार के खिलाफ कहानी है। लेकिन, इरफान का कुछ और ही कहना है।
इरफान का कहना है कि फिल्म में उनका किरदार निगरानी वाला नहीं है। वह एक ऐसे व्यक्ति की भूमिका में हैं, जिसे लगता है कि व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है और इसमें सुधार की जरूरत है। यह किरदार किसी एक व्यक्ति पर आधारित नहीं है, न ही इस फिल्म में किसी राजनीतिक विचारधारा पर हमला है।
उन्हे लगता है कि निशिकांत कामत के निर्देशन में बनी फिल्म ‘मदारी’ का काफी दूरगामी असर होगा। उन्होंने कहा कि यह एक अच्छे विषय पर बनी थ्रिलर है। इसमें रहस्य-रोमांच है लेकिन मानवीय संवेदनाओं की स्क्रिप्ट में बड़ी भूमिका है। यही बात उन्हें इस स्क्रिप्ट में सबसे अधिक पसंद आई है।
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