मुख्यमंत्री ने सदन में चाचा-भतीजे के रिश्ते के लिए मशहूर नेता सदन अहमद हसन और नेता प्रतिपक्ष नसीमुद्दीन सिद्दीकी पर चुटकी लेते हुए कहा, “चाचा-भतीजे का मामला हर जगह है। आप सब भली भांति जानते हैं।” मुख्यमंत्री के इतना कहते ही सदन में जोरदार ठहाके भी गूंजे।
अखिलेश ने कहा, “अब चुनाव का समय है, हम सबको जनता के बीच जाना है। हालांकि सभी दल अपनी-अपनी सरकार बनाने के दावे कर रहे हैं, लेकिन फैसला जनता को करना है।”
उन्होंने कहा कि एक सरकार थी, जिसे जनता ने बदला और एक सरकार केंद्र में चल रही है। जनता सबकी समीक्षा कर रही है। समाजवादी पार्टी ने जनता से जो वायदे किए, जो सपने देखे उन्हें हकीकत में धरती पर भी उतारा है।
मुख्यमंत्री ने कहा, “लैपटॉप, मैट्रो, कन्या विद्याधन, देश का सबसे बड़ा एक्सप्रेस-वे और समाजवादी पेंशन योजना जैसे अनेक कार्यक्रम जनहित में चलाए हैं, इसलिए मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि जनता का भरोसा समाजवादियों के साथ है, और समाजवादी पार्टी ही फिर सरकार बनाएगी।”
उन्होंने कहा, “नेता प्रतिपक्ष नसीमुद्दीन ने बांदा मेडिकल कॉलेज का मामला उठाया था। यह मेडिकल कालेज बसपा सरकार के समय में बनना शुरू हुआ था, लेकिन पूरा हमने कराया। पठन-पाठन हमारे समय में हुआ। प्रदेश में डाक्टरों की बड़ी संख्या में कमी थी इसलिए हमने अधिक से अधिक मेडिकल कॉलेज खोले।”
उन्होंने आगे कहा, बिजली की भी स्थिति ठीक नहीं थी इन साढ़े चार वर्षो में हमने बिजली का उत्पादन लगभग दो गुना बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि बीएसपी सरकार के समय में बने एक्सप्रेस-वे के लिए किसानों को मुआवजे के लिए लाठियां खानी पड़ी थीं, लेकिन हमने जनता को समझाया और उनकी भूमि का चार गुना ज्यादा मुआवजा दिया। किसानों को कहीं भी परेशानी नहीं उठानी पड़ी।
अखिलेश ने कहा, “इनकी नेता कहती हैं कि मैं, उन्हें बुआ न कहूं। सदन में नेता प्रतिपक्ष ही बता दें कि मैं उन्हें क्या कहूं?”
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जानते हैं कि सरकार को अब छह माह बचे हैं, बावजूद इसके आज भी लोग उप्र में निवेश के लिए आ रहे हैं। हमने प्रदेश की छवि को निखारने का काम किया है। कानून व्यवस्था पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी जानकारी में जो भी बात आती है, हम लोगों को न्याय देने का काम कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अक्टूबर माह में डायल 100 व्यवस्था और सु²ढ़ हो जाएगी, जिससे एफआईआर और मौके पर पुलिस के पहुंचने का समय कम हो जाएगा।
शिक्षक दल के नेता डॉ. ओम प्रकाश शर्मा की शिक्षक समुदाय को नि:शुल्क चिकित्सा सुविधा के लिए राज्यकर्मियों की तरह कैशलेस चिकित्सा सुविधा दिए जाने की मांग पर मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि वे इस मांग को पूरी करेंगे, लेकिन समय लगेगा।
इसके पूर्व सदन के अंतिम दिन आज साढ़े बारह बजे सदन की कार्यवाही शुरू हुई। गुरुवार को प्रश्नकाल नहीं हुआ। इसके साथ ही सदन में चार विधेयक-एरा विश्वविद्यालय लखनऊ, उत्तर प्रदेश विधेयक 2016, उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक 2016, उत्तर प्रदेश राज्य विधानमंडल सदस्यों की उपलब्धियां और पेंशन संशोधन विधेयक 2016 और मौलाना मोहम्मद अली जौहरा विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक 2016 पारित हुए।
धन्यवाद प्रस्ताव के बाद नेता सदन अहमद हसन के प्रस्ताव पर सभापित रमेश यादव ने सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया।
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