नई दिल्ली, 15 दिसम्बर (आईएएनएस)। रक्षा राज्य मंत्री सुभाष भामरे ने शुक्रवार को यहां भारतीय नाभिकीय औषधि सभा के 49वें वार्षिक सम्मेलन का उद्घाटन किया।
भामरे ने इस अवसर पर कहा, “चिकित्सा विज्ञान में प्रगति से जीवन स्तर में अहम सुधार आया है। इस प्रगति के कारण जीवन आशा में वृद्धि, अभी तक असाध्य रही बीमारियों का इलाज और मानव शरीर को समझने की क्षमता में वृद्धि हो पाई है।” उन्होंने कहा कि गत कुछ वर्षो में नाभिकीय औषधि की भूमिका में अहम गति आई है।
भामरे ने कहा, “डीआरडीओ की अनुसंधान प्रयोगशाला, नाभिकीय औषधि और संबद्ध विज्ञान संस्थान (इनमास) नाभिकीय औषधि के अनुसंधान में अहम भूमिका निभाकर परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण इस्तेमाल को बढ़ा रहा है। इनमास ने हमेशा से विकिरण और इमेजिंग विज्ञान के क्षेत्र में शैक्षिक विकास से प्रभावी भूमिका निभाई है। इनमास का योगदान रक्षा मंत्रालय द्वारा समाज के हित के लिए अनुसंधान गतिविधियों को सहयोग का एक श्रेष्ठ उदाहरण है।”
डॉ. भामरे ने कहा, “इनमास के वैज्ञानिक नाभिकीय औषधि सभा की विभिन्न गतिविधियों-शैक्षणिक कार्यक्रम, नीति निर्माण और प्रशिक्षण में सक्रिय सदस्य रहे हैं।” उन्होंने अनुसंधान और प्रशिक्षण द्वारा अग्रिम नाभिकीय चिकित्सा लक्षण और चिकित्सा संबधी उपयोग के लिए इनमास और नाभिकीय औषधि सभा, अस्पताल और राष्ट्रीय विश्वविद्यालयो के साथ-साथ उद्योगों और निजी क्षेत्र के बीच गठजोड़ को और सशक्त करने पर जोर दिया।
सम्मेलन को नाभिकीय औषधि सभा (भारत) के अध्यक्ष डॉ. अंशु रजनीश शर्मा, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रोफेसर(डॉ.) रणदीप गुलेलिया और अन्य लोगो ने भी संबोधित किया।
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