नई दिल्ली, 31 मई (आईएएनएस)। पूर्व वित्त मंत्री पी.चिदंबरम गुरुवार को आईएनएक्स मीडिया भ्रष्टाचार मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की जांच में नहीं शामिल हुए।
चिदंबरम ने दिल्ली उच्च न्यायलय द्वारा उन्हें गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण दिए जाने के बाद ऐसा किया है।
उच्च न्यायालय के आदेश का हवाला देते हुए चिदंबरम के वकील अरुण नटराजन ने सीबीआई को एक आवेदन देकर कहा कि उनके मुवक्किल मामले की जांच में शामिल नहीं होंगे क्योंकि अदालत में मामले में सुनवाई चल रही है।
यह जवाब सीबीआई द्वारा वरिष्ठ कांग्रेस नेता को समन जारी किए जाने के मद्देनजर आया है। सीबीआई ने चिदंबरम को जांचकर्ताओं के समक्ष गुरुवार को दक्षिण दिल्ली के लोधी रोड इलाके में एजेंसी मुख्यालय में मामले की जांच में शामिल होने के लिए पेश होने को कहा था।
सीबीआई के एक अधिकारी ने कहा, “चिदंबरम आज (गुरुवार) आईएनएक्स मीडिया मामले में जांच में शामिल नहीं हुए। विभाग से आगे दिशानिर्देशों के बाद हम उनके खिलाफ कार्रवाई का अगला कदम उठाएंगे।”
उन्होंने कहा कि सीबीआई अब फिर से मामले में चिदंबरम को समन जारी करने की योजना बना रही है, इसका समय अभी तय किया जाना है।
चिदंबरम का यह कदम दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा गुरुवार को आईएनएक्स मीडिया मामले में गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण देने के बाद आया है। न्यायालय ने सीबीआई को सुनवाई की अगली तारीख 3 जुलाई तक चिदंबरम को गिरफ्तार नहीं करने का निर्देश दिया है।
सीबीआई ने बीते साल 15 मई को चिदंबरम, उनके बेटे कार्ति व अन्य पर आईएनएक्स मीडिया में 305 करोड़ के विदेशी निवेश की मंजूरी देने में की गई कथित अनियमितता में शामिल होने का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज की थी।
सीबीआई ने कार्ति पर आईएनएक्स मीडिया को 2007 में विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) की मंजूरी दिलाने में धन लेने के मामले में 28 फरवरी को गिरफ्तार किया था। साल 2007 में कार्ति के पिता तत्कालीन संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन में वित्त मंत्री थे। बाद में कार्ति को जमानत मिल गई।
सीबीआई ने शुरुआत में आरोप लगाया कि कार्ति ने एफआईपीबी की मंजूरी दिलाने के लिए दस लाख रुपये की रिश्वत ली थी।
हालांकि, यह आंकड़ा बाद में संशोधित किया गया जो 10 लाख डॉलर या मौजूदा विनिमय दर से 6.5 करोड़ रुपये होता है।
सीबीआई व प्रवर्तन निदेशालय मामले की जांच कर रहे हैं।
dharmpath.com dharmpath