अगस्त में खुदरा बिक्री 10.8 फीसदी बढ़ी, जो जुलाई में 10.5 फीसदी बढ़ी थी। औद्योगिक विकास दर अगस्त में 6.1 फीसदी रही, जो जुलाई में छह फीसदी थी।
कई अन्य आंकड़ों में हालांकि गिरावट दर्ज की गई, जिससे अर्थव्यवस्था पर दबाव होने का पता चलता है।
2015 के प्रथम आठ महीने में अचल संपत्ति निवेश 10.9 फीसदी बढ़ा, जबकि प्रथम सात महीने में यह 11.2 फीसदी बढ़ा था।
संपत्ति निवेश प्रथम आठ महीने में 3.5 फीसदी बढ़ा, जो प्रथम सात महीने के मुकाबले 0.8 प्रतिशतांक कम है।
कमजोर आंकड़ों से केंद्रीय बैंक द्वारा दरों में और कटौती किए जाने की उम्मीद जगी है, जबकि नवंबर के बाद से ब्याज दर पांच बार घटाई जा चुकी है। आवश्यक आरक्षी अनुपात (आरआरआर) भी चार बार घटाया जा चुका है।
देश के सबसे बड़े निवेश बैंक चाइना इंटरनेशनल कैपिटल कारपोरेशन लिमिटेड (सीआईसीसी) ने कहा, “2015 में एक बार और ब्याज दर में कटौती किए जाने तथा आरआरआर में 50 आधार अंकों की दो और कटौती होने की उम्मीद है।”
सीआईसीसीसी को जोखिम से मुकाबले के लिए अवसंरचना परियोजनाओं में भी सरकारी निवेश बढ़ाने की उम्मीद है।
कई अर्थशास्त्रियों का हालांकि यह मानना है कि चीन को छोटी अवधि में काम आने वाली रणनीति से आगे बढ़ना चाहिए और टिकाऊ विकास के लिए बाजार संबंधी सुधार करने चाहिए।
सीआईसीसी ने कहा, “चक्रीय प्रबंधन नीति छोटी अवधि में सुस्ती दूर करने में काम आ सकती है, जबकि बाजार आधारित सुधार से ही निवेश का फायदा मिल सकता है और लंबी अवधि में निवेश बढ़ सकता है।”
सरकार ने रविवार को सरकारी कंपनियों में सुधार के लिए दिशा निर्देश जारी किया है। इसका मकसद सरकारी कंपनियों को अधिक रचनात्मक और प्रतिस्पर्धी बनाना है।
dharmpath.com dharmpath