प्रधानमंत्री ली की अध्यक्षता में स्टेट काउंसिल की बैठक के बाद जारी एक बयान के मुताबिक, ली ने कहा, “विदेश व्यापार देश की अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। विदेश व्यापार को स्थिर रखने तथा उसे सुदृढ़ बनाने के लिए यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि अर्थव्यवस्था का संचालन सुचारू तरीके से हो।”
वैश्विक मांग में कमी तथा घरेलू अर्थव्यवस्था सुस्त होने से चीन के विदेश व्यापार को गहरा धक्का लगा है। साल 2015 की तुलना में इसमें 7 फीसदी की कमी दर्ज की गई है, साथ ही निर्यात में 1.8 फीसदी, जबकि आयात में 13.2 फीसदी की कमी आई है।
मार्च महीने के आंकड़े हालांकि सुकून देते हैं। पिछले महीने के निर्यात में पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 18.7 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई, जो दिसंबर के बाद पहली वृद्धि है। वहीं फरवरी में इसमें 20 फीसदी, जबकि जनवरी में 6.6 फीसदी की कमी दर्ज की गई थी।
वहीं आयात में 1.7 फीसदी की कमी दर्ज की गई, जबकि फरवरी में इसमें 8 फीसदी की कमी देखी गई थी।
बुधवार को जारी बयान के मुताबिक विदेश व्यापार को बढ़ावा देने के लिए कई उपायों पर अमल किया जाने वाला है।
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