बीजिंग, 27 अगस्त (आईएएनएस)। चीन का लक्ष्य ढुलाई क्षेत्र की लागत घटाने की है, ताकि कंपनियों पर बोझ कम हो सके और उनके कारोबारी माहौल में सुधार हो सके।
परिवहन मंत्रालय ने शनिवार को यह जानकारी दी। मंत्रालय के मुताबिक, चीन की योजना अगले तीन सालों में ढुलाई की लागत माल के कुल मूल्य का 0.5 फीसदी करने की है, जबकि वर्तमान में यह 4.9 फीसदी है।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, इसके लिए कई कदम उठाए जाएंगे, जिनमें राजमार्ग पर से टोल खत्म करना और हवाईअड्डों, बंदरगाहों और रेलवे द्वारा गैरकानूनी शुल्कों की वसूली रोकना है।
चीन द्वारा कॉरपोरेट लागत घटाने के प्रयासों के तहत उद्योगों की मदद कर अर्थव्यवस्था में जान फूंकने की कवायद की जा रही है।
इस संबंध में राज्य परिषद ने सोमवार को एक कार्य योजना जारी की, जिसमें कॉरपोरेट खर्च घटाने, करों का बोझ कम करने की योजना बनाने, सस्ते वित्तपोषण, लालफीताशाही में कमी, साथ ही अधिक किफायती भूमि उपयोग, ऊर्जा की खपत और माल ढुलाई शामिल है।
चीन के शीर्ष आर्थिक योजनाकार राष्ट्रीय विकास और सुधार आयोग (एनडीआरसी) ने शुक्रवार को कहा कि देश में कॉरपोरेट लागत बढ़ाने में ढुलाई के खर्च का बहुत बड़ा योगदान है। वहां सकल घरेलू उत्पाद के अनुपात में माल ढुलाई का खर्च कई सालों से 16 फीसदी से भी ज्यादा है।
यह अनुपात साल 2016 की पहली छमाही में 14.6 फीसदी रही, जबकि एक साल पहले यह समान अवधि में 15.4 फीसदी थी।
चीन माल ढुलाई का खर्च जीडीपी के एक फीसदी तक लाने की तैयारी में है, जिससे कॉरपोरेट कंपनियों की लागत में 900 अरब युआन (135 अरब डॉलर) से ज्यादा की बचत होगी।
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