विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनिंग के मुताबिक, सियोल में दिसंबर में दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल के बीच आम सहमति बनने के बाद चीन व बीजिंग के कार्य समूहों के बीच यह पहले दौर की वार्ता होगी।
हुआ ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि चीन व दक्षिण कोरिया के बीच समझौता व विचार-विमर्श के माध्यम से समुद्र सीमा संबंधी मुद्दों का उचित व निष्पक्ष समाधान शांति, स्थिरता, मित्रवत एवं सहयोगी संबंधों के लिए आवश्यक है।
हुआ ने कहा, “ऐतिहासिक तथ्यों तथा अंतर्राष्ट्रीय कानूनों के मुताबिक, समझौते के माध्यम से विवादों के समाधान के लिए चीन अपने रुख पर अड़ा रहा है।”
शी ने उल्लेख करते हुए कहा कि दक्षिण कोरिया के साथ समुद्री मुद्दों के उचित व निष्पक्ष समाधान के प्रति चीन आशान्वित है और उम्मीद करता है कि क्षेत्रीय देशों के लिए मुद्दों को सुलझाने का यह एक अच्छा उदाहरण बनेगा।
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