चीन भारतीय योग विशेषज्ञों की मदद लेगा

बीजिंग, 20 जून (आईएएनएस)। चीन में पिछले वर्षो के दौरान योग ने इतनी ज्यादा लोकप्रियता हासिल कर ली है कि सरकार ने चीनी विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के प्रशिक्षण के लिए भारतीय योग विशेषज्ञों से संपर्क किया है।

बीजिंग, 20 जून (आईएएनएस)। चीन में पिछले वर्षो के दौरान योग ने इतनी ज्यादा लोकप्रियता हासिल कर ली है कि सरकार ने चीनी विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के प्रशिक्षण के लिए भारतीय योग विशेषज्ञों से संपर्क किया है।

एक भारतीय द्वारा संचालित मशहूर योग संस्थान ‘योगी योगा’ चीन के खेल मंत्रालय के साथ संपर्क में है। मंत्रालय चाहता है कि विश्वविद्यालयों में शारीरिक शिक्षा के शिक्षकों (पीईटी) को सही प्रकार से योग सिखाया जाए।

योगी योगा के संस्थापक योगी मोहन ने आईएएनएस से कहा, “हमने बीजिंग युनिवर्सिटी के पीईटीज को प्रशिक्षण देने के लिए उसके साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। हम खेल मंत्रालय के संपर्क में हैं, इसलिए हो सकता है कि अन्य विश्वविद्यालयों के साथ भी ऐसा ही समझौता हो।”

बीजिंग में 2003 में स्थापित योगी योगा की शंघाई और क्वोंगचो में शाखाएं हैं।

मोहन ने कहा, “चीन में 2003 तक केवल संभ्रांत वर्ग के लोग ही योग अभ्यास करते थे, लेकिन अब यह केवल फैशन भर नहीं रहा है। सरकार चाहती है कि शिक्षकों को उसी प्रकार योग का प्रशिक्षण दिया जाए जिस प्रकार यह किया जाता है।”

आलम यह है कि बीजिंग के फिटनेस क्लब योग प्रशिक्षकों के बिना अधूरे माने जाते हैं और 2015 में बीजिंग के चाओयांग जिले में योग संस्थानों की संख्या बढ़कर 1,000 हो गई है। 2003 में यह तीन थी।

चीन के मध्यवर्ग में बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं और मानसिक तनाव के चलते लोगों का योग की ओर रुझान बढ़ रहा है। कई लोगों को यह भ्रांति है कि योग का उद्गम अमेरिका में हुआ था।

एक महिला चिकित्सक सुई हुई ने आईएएनएस को बताया, “मुझे कोई स्वास्थ्य समस्या नहीं है, लेकिन मैं फिर भी कुछ योगासनों का अभ्यास करती हूं। अगर मैं ध्यान नहीं करती तो मुझे अधूरापन महसूस होता है।”

मजेदार बात यह है कि आधिकारिक रूप से नास्तिक देश चीन में, जहां सार्वजनिक स्थलों पर धर्म वर्जित है, कई चीनियों को गायत्री मंत्र का जाप करते देखा जा सकता है।

मोहन ने इस बारे में कहा, “जाप का धर्म से कोई संबंध नहीं है। ताओ धर्म, बौद्ध धर्म और कन्फ्यूशीवाद में भी जाप किया जाता है। यह आपके शरीर में स्पंदन पैदा करने में मदद करता है।”

चीन की आधिकारिक समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, चीन में सबसे पहले हांग कांग की वाई लान ने 1980 में योग की शुरुआत की थी।

एजेंसी के मुताबिक, “कई चीनी योगियों के योग की शुरुआत चीन के केंद्रीय टेलीविजन पर प्रतिदिन प्रसारित होने वाले उनके वर्कआउट कार्यक्रमों से हुई थी।”

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भी 2014 में भारत की यात्रा के दौरान कहा था कि उनकी पत्नी पेंग लियुआन भी योग अभ्यास करती हैं।

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