पिछले सप्ताह चीन की अर्थव्यवस्था के बारे में जारी कई प्रमुख आर्थिक आंकड़े उम्मीद के अनुरूप रहे। रपट के मुताबिक चल संपत्ति में निवेश ने जहां निराश किया, वहीं आयात में वृद्धि देखी गई और घरेलू मांग में वृद्धि के बीच औद्योगिक उत्पादन विकास दर में ठहराव आया।
दूसरी ओर विनिर्माण और निजी निवेश में मई में भी गिरावट दर्ज की गई। इससे यह संकेत मिलता है कि विकास दर में और गिरावट के बाद विकास-परक नीतियों पर ध्यान बढ़ाया जा सकता है।
बैंक ने उम्मीद जताई है कि संपत्ति बाजार की मजबूती और पुराने और नए नरमी के उपायों के सामने आ रहे प्रभावों से दूसरी तिमाही में प्रथम तिमाही के मुकाबले अपेक्षाकृत अधिक वृद्धि दर्ज की जाएगी।
रपट में कहा गया है, “हमारा अनुमान है कि दूसरी तिमाही की विकास दर तिमाही-दर-तिमाही आधार पर प्रथम तिमाही से अधिक रहेगी, लेकिन साल-दर-साल आधार पर इसमें अधिक सुधार नहीं होगा और साल के आखिर में इसमें गिरावट दर्ज की जाएगी।”
बैंक के मुताबिक, आर्थिक नीतियां चौथी तिमाही तक कमोबेश समान रहेंगी। लेकिन उसके बाद विकास दर घटने के कारण नीतिगत संबल बढ़ाया जाएगा। बैंक ने चीन की वार्षिक विकास दर 6.6 फीसदी रहने का अनुमान जताया है।
प्रथम तिमाही में चीन की विकास दर 6.7 फीसदी रही। यह 2009 के शुरू में आए वैश्विक वित्तीय संकट के बाद सबसे कम विकास दर है।
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