चिली के विदेश मंत्रालय में आर्थिक संबंधों के निदेशक एंड्रेस रेबोलेडो ने हाल ही में एक साक्षात्कार में कहा है कि इस आयोजन के तहत होने वाली विभिन्न गतिविधियों के जरिए चीन में आर्थिक सहयोग बढ़ाया जाएगा और चिली के इतिहास और संस्कृति को बढ़ावा दिया जाएगा। इसका उद्देश्य चीन और चिली के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना की 45वीं वर्षगांठ का जश्न मनाना भी है।
अधिकारी ने कहा, “चीन पिछले कई सालों से चिली का मुख्य व्यापारिक साझेदार रहा है।” उन्होंने कहा कि चिली चीन में स्थित अपने चार व्यावसायिक कार्यालयों के जरिए निर्यात को बढ़ावा देने के लिए कड़ी मेहनत करेगा।
उन्होंने कहा, “वीक ऑफ चिली इन चाइना इसी विषय पर केंद्रित है और इससे देश में अधिक चीनी निवेश आकर्षित करने में मदद मिलेगी।”
चीनी वाणिज्य मंत्रालय के मुताबिक, दोनों देशों के बीच 2014 में द्विपक्षीय कारोबार बढ़कर 14.32 अरब डॉलर रहा है। पिछले साल चिली में चीनी निवेश 14.24 अरब डॉलर रहा।
चिली के पूर्व राष्ट्रपति एडुआडरे फ्रे इस आयोजन के दौरान एक प्रतिनिधिमंडल लेकर चीन जाएंगे। इस दौरान उनके साथ लोक निर्माण मंत्रालय के मंत्री, अर्थव्यवस्था, विकास एवं पर्यटन विभागों के मंत्री और अन्य कारोबारी साथ होंगे। एडुआडरे इस समय एशिया-प्रशांत के लिए विशेष राजदूत हैं।
रेबोलेडो ने कहा कि चीन चिली की विदेश नीति की एक प्राथमिकता बन गया है क्योंकि “हमने कई वर्ष पहले ही एशियाई देशों के साथ आर्थिक संबंध बढ़ाने का निर्णय लिया था।”
लेकिन वीक ऑफ चिली इन चाइना का उद्देश्य सिर्फ व्यापार और निवेश ही नहीं है, बल्कि इसमें चिली की सांस्कृतिक गतिविधियों का भी दर्शन होगा। जिसमें कलात्मक प्रदर्शन, चिली की शराब पर संगोष्ठियां और चिली के प्रमुख पर्यटन केंद्रों के प्रचार शामिल होंगे।
इस आयोजन के दौरान शंघाई में एक चिली मंडप (पवैलियन) खोला जाएगा, जो फल, समुद्री खाद्य, शराब, पर्यटन, हस्तशिल्प और सेवा जैसे क्षेत्रों पर केंद्रित होगा।
इसके अलावा चिली और चीन की कंपनियों के बीच साझेदारी बढ़ाने के लिए बीजिंग में अधोसंरचना, कृषि और ऊर्जा पर संगोष्ठियां आयोजित की जाएंगी।
dharmpath.com dharmpath