गाओ ने सालाना संसदीय सत्र के इतर कहा, “वित्त, शिक्षा, संस्कृति और माल ढुलाई क्षेत्रों को विदेशी पूंजी के लिए और अधिक खोला जाएगा तथा अत्यधिक खर्चीले विनिर्माण क्षेत्र पर लगी पाबंदियों में और ढिलाई बरती जाएगी।”
उन्होंने कहा कि विदेशी निवेश से चीन की सरकारी कंपनियों को नवाचार करने और सुधार करने में मदद मिलेगी।
चीन में 2015 में कुल 126 अरब डॉलर का निवेश हुआ है, जो साल-दर-साल आधार पर 5.6 फीसदी अधिक है। इसमें से 70 फीसदी से अधिक निवेश सेवा और अत्यधिक खर्चीले विनिर्माण क्षेत्र में हुआ है।
गाओ ने कहा कि विदेशी निवेशक इन दिनों सेवा और अत्यधिक खर्चीले विनिर्माण क्षेत्रों पर अधिक ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। उन्होंने इस बदलाव को संरचनागत सुधार का नाम दिया।
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