शंघाई के फुजान विश्वविद्यालय के रोबोट इंटेलिजेंस लैब के निदेशक झांग वेंकियांग ने हाल ही में एक सम्मेलन में कहा कि स्विस एबीबी, जापान की फानुक कॉरपोरेशन और जर्मनी की कुका जैसी विदेशी कंपनियों की चीन के बाजार में 90 फीसदी से अधिक बाजार हिस्सेदारी है और चीन की कई कंपनियां उन कंपनियों के लिए सामान बनाती हैं।
उन्होंने कहा कि उत्पाद डिजाइन, सामग्री और प्रणाली एकीकरण प्रौद्योगिकी में चीन की कंपनियां अपनी विदेशी प्रतियोगियों से पीछे हैं और कई घरेलू कंपनियां प्रौद्योगिकी और उपकरणों के लिए विदेशी कंपनियों पर निर्भर हैं।
कई अन्य जानकारों ने यह भी कहा कि रोबोटिक्स पर अभी विश्वविद्यालयों और शोध संस्थानों में ही काम हो रहा है और उनकी खोजों का वाणिज्यीकरण नहीं हो पाया है।
यानशान विश्वविद्यालय के मेकेनिकल इंजीनियरिंग के प्रोफेसर वांग होंगबो ने कहा, “कई शोध संस्थान शोध एवं विकास (आरएंडडी) पर काफी अधिक खर्च कर रहे हैं, लेकिन वे बाजार से दूर हैं। प्रौद्योगिकी को उत्पाद में बदलने की गति धीमी है।”
वैश्विक सेवा रोबोटिक्स उद्योग 2010 में 17.1 अरब डॉलर का था, जो 2025 में बढ़कर 51.7 अरब डॉलर का हो सकता है।
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