तिरुवनंतपुरम, 13 जून (आईएएनएस)। कांग्रेस नेता रमेश चेन्निथला ने मंगलवार को मुख्यमंत्री पिनरई विजयन को एक पत्र लिखा, जिसमें उन्होंने नागालैंड के पूर्व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एम.के.आर.पिल्लई तथा अलप्पुझा से कांग्रेस के पूर्व मंत्री के बीच कारोबारी रिश्तों की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग की है।
ओमन चांडी की पूर्ववर्ती सरकार में चेन्निथला अलप्पुझा जिले से एकमात्र मंत्री थे।
अपने पत्र में चेन्निथला ने कहा कि आयकर विभाग द्वारा श्री वलसाम समूह की अवैध संपत्ति जब्त करने को लेकर मीडिया में आई रपटों तथा इससे कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) के नेताओं को जोड़ने के मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के एक नेता के ‘निराधार आरोपों’ के खुलासे का सबसे बेहतरीन तरीका है कि इसकी जांच सीबीआई या राज्य की किसी जांच एजेंसी से करा ली जाए।
पत्र के मुताबिक, “अलप्पुझा के माकपा नेता का कृत्य उनके संपर्को पर पर्दा डालने तथा आरोप कांग्रेसनीत यूडीएफ पर लगाने का प्रयास है। इस मुद्दे को मीडिया में खूब उछाला जा रहा है और इसलिए मामले की सच्चाई जानने का लोगों को अधिकार है। इसलिए मैं जांच के लिए कदम उठाने को लेकर आपकी तरफ से तत्काल कार्रवाई की मांग करता हूं।”
आयकर विभाग ने आठ जून को देश के चार राज्यों तथा 30 ठिकानों पर छापेमारी कर कथित तौर पर पिल्लई की अथाह संपत्ति को जब्त किया था।
विभाग ने छापेमारी के बारे में पुष्टि की और आईएएनएस से कहा कि उनके द्वारा रपट दाखिल करने में वक्त लगेगा।
आयकर विभाग जांच के तहत पिल्लई तथा उनके कुछ पारिवारिक सदस्यों से बयान ले चुकी है, इसके अलावा उसने नागालैंड में उनसे जुड़े लोगों के भी बयान लिए हैं।
मध्य त्रावणकोर के पंडालम निवासी पिल्लई ने नागालैंड में 70 के दशक में अपना कॅरियर एक सिपाही के रूप में शुरू किया था और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के पद से सेवानिवृत्त हुए। उसके बाद वह कंसल्टेंट के रूप में काम कर रहे हैं।
नोटबंदी के बाद अपनी संपत्ति की घोषणा करने के बाद वह आयकर के रडार पर आए।
अटकलों के मुताबिक, पिल्लई की संपत्ति 1,000 करोड़ रुपये से अधिक है, जो कथित तौर पर केरल के श्री वालसम समूह से जुड़ी है।
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