आईजी विवेकानंद सिन्हा ने बताया कि पुलिस के पास ऐसी कोई जानकारी नहीं है। उनका कहना है कि वहां पर वर्तमान में जो नक्सल संगठन के लिए काम कर रहे हैं, वे भी वहीं के ग्रामीण हैं। पुलिस जल्द ही उन पर कार्रवाई करेगी।
सूत्रों के अनुसार, अबूझमाड़ के जाटलूर, जुवाड़ा, पदमकोट, नीलांगुर, धुरबेड़ा, पांगुड, गारपा, कुतुल, परपा, कोडनार, कोडलियार, कटुलनार समेत माड़ के दो दर्जन गांवों में नक्सलपंथ में शामिल होने वाले लोगों के लिए उम्र का बंधन रखा गया है, जिसमें 14 से 18 साल के बीच के युवक और युवतियों को तरजीह देकर उन्हें अपने संगठन का हिस्सा बनाया जा रहा है। नक्सली संगठन में शामिल हुए लोगों को फोर्स की तरह ट्रेनिंग देकर उन्हें युद्धकला के जौहर सिखाए जा रहे हैं।
सूत्रों का यह भी कहना है किए इस इलाके में अबूझमाड़ के युवक-युवतियों को प्रशिक्षण देने के लिए प्रशिक्षक बुलाया गया है। पर अबूझमाड़ के युवक-युवतियों का नक्सलियों से मोह भंग हो गया और आज वे अपने गांव के विकास पर ध्यान देने की बात कर रहे हैं।
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