रायपुर, 3 अप्रैल (आईएएनएस)। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सोमवार की शाम नई दिल्ली में राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ साहित्यकार और पत्रकार पंडित श्यामलाल चतुर्वेदी और वरिष्ठ समाजसेवी दामोदर गणेश बापट को पद्मश्री अलंकरणों से सम्मानित किया। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए दोनों शख्सियतों को बधाई दी।
डॉ. सिंह ने कहा कि दोनों वरिष्ठजनों को मिले इस राष्ट्रीय सम्मान से प्रदेश का गौरव बढ़ा है।
पंडित श्यामलाल चतुर्वेदी को साहित्य, शिक्षा और पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके सुदीर्घ योगदान के लिए पद्मश्री अलंकरण से नवाजा गया। छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के प्रथम अध्यक्ष रह चुके चतुर्वेदी वरिष्ठ पत्रकार होने के साथ-साथ छत्तीसगढ़ी भाषा के वरिष्ठ कवि और लेखक भी हैं।
उन्होंने पत्रकारिता के माध्यम से और अपने आलेखों के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं को उजागर किया है। वे लगभग पचहत्तर वर्षों से हिंदी और छत्तीसगढ़ी भाषा में साहित्य साधना में लगे हुए हैं। कुछ वर्ष पहले उनका छत्तीसगढ़ी कविता संग्रह ‘पर्रा भर लाई’ और छत्तीसगढ़ी लघुकथाओं का संकलन ‘भोलवा भोलाराम बनिस’ का प्रकाशन हुआ। दोनों संग्रह काफी चर्चित और प्रशंसित हुए।
दामोदर गणेश बापट ने छत्तीसगढ़ के चांपा शहर से आठ किलोमीटर दूर ग्राम सोठी में भारतीय कुष्ठ निवारक संघ द्वारा संचालित आश्रम में कुष्ठ पीड़ितों की सेवा के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया है। इस कुष्ठ आश्रम की स्थापना सन् 1962 में कुष्ठ पीड़ित सदाशिवराव गोविंदराव कात्रे द्वारा की गई थी, जहां वनवासी कल्याण आश्रम के कार्यकर्ता बापट सन् 1972 में पहुंचे और कात्रे जी के साथ मिलकर कुष्ठ पीड़ितों के इलाज और उनके सामाजिक व आर्थिक पुनर्वास के लिए सेवा के अनेक प्रकल्पों की शुरुआत की।
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