रायपुर, 4 अगस्त (आईएएनएस/वीएनएस)। छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव को लेकर सरगर्मी बढ़ गई है। सूबे में खाकी उतारकर खादी पहने वालों की सूची रोजाना लंबी होती जा रही है। अब तक तो तीन डीएसपी भी इस्तीफा देकर चुनाव लड़ने का ऐलान कर चुके हैं। दिलचस्प बात यह है कि तीनों ने एक ही पार्टी से टिकट की दावेदारी ठोकी है।
रायपुर, 4 अगस्त (आईएएनएस/वीएनएस)। छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव को लेकर सरगर्मी बढ़ गई है। सूबे में खाकी उतारकर खादी पहने वालों की सूची रोजाना लंबी होती जा रही है। अब तक तो तीन डीएसपी भी इस्तीफा देकर चुनाव लड़ने का ऐलान कर चुके हैं। दिलचस्प बात यह है कि तीनों ने एक ही पार्टी से टिकट की दावेदारी ठोकी है।
सूत्रों का कहना है कि तीनों को पार्टी की तरफ से टिकट का ठोस आश्वासन मिल चुका है। इनके नाम हैं- डीएसपी विभोर सिंह, डीएसपी गिरिजाशंकर जौहर और डीएसपी किस्मतलाल नंद। इनमें से विभोर सिंह रायपुर में पदस्थ थे, जबकि गिरिजाशंकर जौहर और किस्मत नंद रायगढ़ में पदस्थ थे। विभोर सिंह ने गुरुवार को अपना इस्तीफा दे दिया, जबकि डीएसपी गिरिजाशंकर जौहर और किस्मतलाल नंद ने बीते दो मई को इस्तीफा सौंप दिया था।
सूत्रों के अनुसार, तीनों पुलिस अफसर कांग्रेस पार्टी से ही अपनी दावेदारी कर रहे हैं। विभोर सिंह से संपर्क न हो पाने के कारण उनका राजनीतिक मत अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है, लेकिन गिरिजाशंकर जौहर और किस्मतलाल नंद ने खुलकर चुनाव लड़ने और टिकट की दावेदारी की बात कही है।
कोटा से अभी मौजूदा विधायक रेणु जोगी हैं, लेकिन इस चुनाव में उनके कोटा से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ने पर संदेह दिख रहा है। लिहाजा इस संदेह के बीच विभोर सिंह ने पद छोड़कर कोटा से चुनाव लड़ने की दिलचस्पी दिखाई है। वहीं मस्तूरी से भी कांग्रेस के दिलीप लहरिया विधायक हैं, लेकिन कुछ विधायकों के टिकट पर मंडरा रहे खतरे के बीच गिरजाशंकर अपनी किस्मत आजमाने की बात कह रहे हैं। वहीं किस्मतलाल सरायपाली में अपनी दावेदारी कर रहे हैं। सरायपाली से भाजपा के रामलाल चौहान विधायक हैं।
कांग्रेस ने कहा है कि टिकट का बंटवारा लोकतांत्रिक तरीके से होगा। फार्म भरा जाएगा और प्रस्ताव ब्लाक स्तर और बूथ स्तर से लिया जाएगा, फिर नामों का ऐलान होगा। ऐसे में क्या इन तीनों को पहले ही टिकट का आश्वासान मिल चुका है।
गिरजाशंकर जौहर ने साफ कहा है कि पार्टी की तरफ से उन्हें टिकट का आश्वासन मिला है, उसी के मद्देनजर उन्होंने अपना इस्तीफा सौंपा है। उन्होंने कहा कि चुनाव की तैयारी वह 2008 से कर रहे थे। गिरिजाशंकर ने कहा कि उनके चुनाव में उम्मीदवारी का प्रस्ताव 2013 में ही मिला था, लेकिन उस वक्त वह चुनाव लड़ने को तैयार नहीं थे, लिहाजा अब वह चुनाव लड़ने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। पिछले चार साल से वह लगातार अपने क्षेत्र में सक्रिय हैं, और समाजिक कामों से जुड़े हुए हैं। गिरजाशंकर ने बताया है कि कांग्रेस से और भी कई दावेदार हैं, लेकिन उनका दावा सबसे मजबूत है और इस बार उन्हें टिकट जरूर मिलेगा और जीतेंगे भी।
बहरहाल न सिर्फ कांग्रेस से, बल्कि भाजपा से भी कई पुलिस अफसर टिकट की जुगाड़ में लगे हुए हैं। देखना है कि इस्तीफा देने वाले कितने खाकी वाले खादी धारण करने में सफल हो पाते हैं।
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