जुड़वा पांच बच्चियों का चिकित्सकों की गहन देखरेख में इलाज किया जा रहा है। 25 वर्षीय महिला मनीता ने दो अप्रैल को इन पांच बच्चियों को अम्बिकापुर के जिला चिकित्सालय में जन्म दिया था। वहां से इन्हें रायपुर एम्स लाया गया।
एम्स के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय दानी ने बताया कि पांच में से चार बच्चियों की हालत नाजुक बनी हुई है। समय से पहले जन्मीं इन बच्चियों के इलाज में 10 डॉक्टरों की टीम लगी हुई है।
गौरतलब है कि लखनपुर स्थित बिनकरा गांव की 25 वर्षीय गर्भवती मनीता ने नार्मल डिलवेरी में पांच बच्चियों को जन्म दिया था। छह माह की गर्भावस्था में ही प्रसव और एक साथ पांच बच्चियों का जन्म चर्चा का विषय बना हुआ है।
समय से पहले जन्मीं इन बच्चियों का वजन कम होने व पीलिया के लक्षण दिखने पर अंबिकापुर जिला प्रशासन सहित जिला अस्पताल के सिविल सर्जन ने भी एम्स के डॉयरेक्टर डॉ. नितिन एम. नागरकर से चर्चा की। इसके बाद मंगलवार की रात पांचों बच्चियों को एम्स में भर्ती कराया गया।
डॉ. नागरकर ने चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय दानी को इन बच्चियों के नि:शुल्क इलाज के निर्देश दिए हैं।
पांचों बच्चियों में से बेबी (1) का वजन 660 ग्राम उसे ब्लड इंफेक्शन के चलते उसकी स्थिति गंभीर है। वहीं बेबी (2) का वजन 775 ग्राम है, उसे सांस लेने में परेशानी के चलते उसकी स्थिति अतिगंभीर, बेबी (3) 900 ग्राम, ब्लड इंफेक्शन के चलते उसकी स्थिति स्थिर, बेबी (4) 1050 ग्राम वजन, इंटरनल ब्लीडिंग के चलते अति गंभीर और बेबी (5) 1050 ग्राम वजन (ब्लड इंफेक्शन) की स्थिति में आंशिक सुधार है।
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