रायपुर, 22 मई (आईएएनएस)। छत्तीसगढ़ के अचानकमार टाइगर रिजर्व (एटीआर) में तेज रफ्तार ट्रेनों से हाथियों की जान को खतरा है। इसे देखते हुए एटीआर प्रबंधन ने रेलवे को अलर्ट करते हुए रफ्तार को नियंत्रित करने के लिए कहा है।
इस संबंध में डीआरएम समेत बेलगहना, कोटा समेत आधा दर्जन से अधिक स्टेशन मास्टरों को पत्र लिखा गया है।
एटीआर के सहायक संचालक एस.के. शर्मा का कहना है कि पत्र लिखकर रेल प्रशासन को अलर्ट किया गया है। इससे इस लाइन पर ट्रेनों की रफ्तार धीमी गति से चलाई जाए। इस अलर्ट के बाद भी किसी तरह का हादसा होता है तो इसके लिए रेल प्रशासन जिम्मेदार होगा। चालक के खिलाफ कार्रवाई भी होगी।
जानकारी मिली है कि पाली-कटघोरा की ओर सप्ताह भर पहले हाथियों का एक झुंड बेलगहना, रतनपुर रेंज के जंगल में पहुंच गया है। झुंड में करीब 23 हाथी हैं। इनमें उनके शावक भी हैं। हाथियों से वन विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। पूरा वन अमला उसे खदेड़ने की जद्दोजहद कर रहा है। ग्रामीणों को 24 घंटे चौकन्ना रहने की हिदायत दी गई है।
हाथियों से सबसे ज्यादा खतरा ग्रामीणों को ही है। बचाव के लिए ग्रामीणों को मशाल व अन्य साधन मुहैया कराया गया है। इन तमाम उपायों के बाद भी दहशत का माहौल है। अचानकमार टाइगर रिजर्व प्रबंधन भी सकते में है।
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